जिले के बिजली उपभोक्ताओं को अब हर माह बिजली मीटर का किराया नहीं देना होगा। ये किराया अब मीटर की जमा सिक्योरिटी से काटा जाएगा जो कई सालों से बिजली निगम के खाते में जमा है। इससे जिले के करीब चार लाख बिजली उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे उनकी जेब पर बिजली बिल के साथ पड़ने वाला बोझ भी कम होगा।
सरकार की ओर से बिजली निगम को ये योजना तुरंत लागू करने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश से पहले उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं से हर महीने बिजली बिल में 25 से लेकर 50 रुपये का किराया वसूला करता था। अब ये वसूली बिजली कनेक्शन लेते समय जमा करवाई गई सिक्योरिटी से ही काटी जाएगी। विभाग की तरफ से ये किराया मीटर के लोड के हिसाब से निर्धारित किया गया होता है।
बिल कम आने से उपभोक्ताओं पर घटेगा आर्थिक बोझ
इस प्रक्रिया से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि उन्हें ये शिकायत रहती थी कि ये किराया कई सालों तक वसूला जाता है। जिससे वह ठगा हुआ महसूस करते हैं लेकिन अब यह रेंट बिल में लग कर नहीं आएगा जिससे अदायगी राशि में कटौती होगी। विभाग के अनुसार आगामी बिल में मीटर किराए का विकल्प ही नहीं रहेगा।
जनवरी 2020 से पहले के उपभोक्ताओं को राहत
सरकार की ओर से आए आदेश में साफ कहा गया कि अब जनवरी 2020 से पहले जिन उपभोक्ताओं ने बिजली कनेक्शन लिया है उनसे मीटर रेंट की वसूली बिलों के जरिए नहीं होगी। जिन उपभोक्ताओं का रेंट अभी बचा है। उन उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी के रुपयों से मीटर रेंट वसूल किया जाए।
वर्जन
सरकार की ओर प्राप्त पत्र में बिजली बिल के माध्यम से मीटर रेंट न लेने के आदेश आए हैं। जिनको लागू किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला बोझ हल्का होगा क्योंकि प्रतिमाह आने वाले बिल में किराए की राशि में कटौती होगी।
विनय, एसडीओ बिजली निगम