संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। भूजल को बचाने के लिए सरकार की ओर से निर्धारित समय 15 जून से पहले 1509 व पीआर 126 और पीआर 114 सहित धान की अन्य किस्मों के धान की पौध की रोपाई करने वाले छह किसानों के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। उन्हें इसके लिए नोटिस जारी किया गया है। वीरवार को खंड कृषि अधिकारी के आदेश पर कृषि विभाग की टीम खंड के गांव डबरी, अमूपुर, प्रेम खेड़ा सहित कई गांवों में पहुंच कर किसानों को धान रोपाई करने पर नोटिस जारी किए गए।
सहायक तकनीकी प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि 15 जून से पहले किसान धान की रोपाई नहीं कर सकते। गांव डबरी में तीन एकड़, अमुपूर में दो एकड़ सहित प्रेम खेड़ा गांव में आधा एकड़ धान रोपाई करने पर विभाग की ओर से नोटिस देकर इन किसानों को धान नष्ट करने के आदेश दिए गए हैं।
सीधी बिजाई 15 तक करें
घरौंडा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के खंड कृषि अधिकारी डॉ राहुल दहिया ने बताया कि राज्य में श्रमिको की कमी व गिरते भूजल के स्तर को देखते हुए धान की सीधी बिजाई काफी कारगर सिद्ध हुई है।
धान की सीधी बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय 15 जून तक है। उन्होंने बताया कि इस विधि में धान का उत्पादन भी परंपरागत तरीके लगाए गए धान के बराबर ही होता है।
पानी और श्रम कम लगने से फसल की लागत में कमी आती है। सरकार ने धान की सीधी बिजाई करने पर किसानों को प्रति एकड़ गत वर्ष चार रुपए अनुदान दिया है। सीधी बिजाई करने के लिए डीएसआर की आधुनिक मशीनें भी अनुदान पर उपलब्ध करवाई जा रहीं हैं। संवाद