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न बस चली, न सरकारी दफ्तरों में हुआ काम, आज भी सब कुछ बंद

Wed, 13 Nov 2013 09:55 PM IST
करनाल
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करनाल में हरियाणा तालमेल कमेटी की दो दिवसीय व्यापक हड़ताल का बुधवार को पहले दिन जिलेभर में जबरदस्त असर दिखा। जिलेभर के सैकड़ों विभिन्न कार्यालयों के कई हजार कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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हड़ताल के दौरान जहां जिलेभर में हरियाणा राज्य परिवहन का पहिया जाम रहा, वहीं, नगर निगम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से पूरा शहर एक ही दिन में गंदगी के ढेरों में तब्दील हो गया। कहीं बिजली तो कहीं पानी की सप्लाई भी प्रभावित होने हुईं। हड़ताल पर गए कर्मियों पर नियंत्रण रखने के लिए पूरे जिले को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

जिलेभर में अलग-अलग सेक्टरों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। किसी कार्यालय में किसी बाबू तक ने काम को हाथ नहीं लगाया। जहां कहीं मामूली ऐसा हुआ, वहीं, यूनियन के लोगों के पहुंचने पर कर्मियों को काम छोड़ना पड़ा। दिनभर हरियाणा सरकार के तमाम कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। पहले दिन ही रोडवेज के करनाल का 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ। एक बस भी रोडवेजकर्मियों ने नहीं चलने दी।
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हड़ताल में शामिल कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारी विरोधी हैं। कर्मचारियों के सहयोग के बावजूद उन लोगों ने छलावा किया गया है। अब कर्मचारी किसी हाल में अपने अधिकारों पर कुठाराघात नहीं होने देंगे। चाहे उन्हें हड़ताल को अनिश्चितकालीन रूप देना पडे़। सरकार को बनाने में कर्मचारी भूमिका अदा कर सकते हैं तो चलता करने में भी उन्हें सब कुछ करना आता है।

करनाल डिपो में सुबह चार बजे से पहले ही हड़ताल का काम प्रारंभ हो गया था। चार बजे दिल्ली जाने वाली बस भी अपने रूट पर नहीं निकली। इसके बाद पांच बजकर दस मिनट पर चंडीगढ़ जाने वाली बस भी नहीं गई। करनाल डिपो की रोजाना विभिन्न रूटों पर चलने वाली 165 गाड़ियां पूरा दिन वर्कशॉप में खड़ी रही। बस अड्डे के तीनों गेटों को कर्मियों ने ताला लगा रखा था।

तीनों गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मात्र सहकारी समिति की 32 बसें चली। इनमें से अधिकतर अपने मूल रूट से आउट रहीं। हडताल पर गए कर्मियों ने इन बसों को भी बस अड्डे में प्रवेश नहीं करने दिया। रोडवेज में क्लर्क तक ने भी काम नहीं किया।

उधर, अवैध वाहन चालकों ने पूरा दिन चांदी कूटी। पचास हजार से अधिक यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। दूसरी ओर नगर निगम के सैकड़ों कर्मियों के हड़ताल पर जाने से पूरा दिन किसी भी क्षेत्र में सफाई का काम नहीं हो सका। किसी सरकारी कार्यालय तक में सफाई नहीं हुई। कर्मियों ने अलग-अलग ग्रुप बनाकर विभिन्न स्थानों पर नारेबाजी की।

इन विभागों के कर्मियों ने लिया हिस्सा
हड़ताल में रोडवेज, बिजली, जन स्वास्थ्य, लोकनिर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम, खजाना, वन, सिंचाई, समाज कल्याण, मंडी बोर्ड, मार्केट कमेटी व जिला सचिवालय के तमाम विभागों के कर्मियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया।

बिजलीकर्मियों और जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने रात में 12 बजे काम छोड़ दिया था। इसके बाद वह लोग कार्यालयों में नहीं गए। जहां निरंतर सप्लाई चालू रही, वहां सही रहा, जहां सप्लाई बंद हुई तो चालू नहीं हो पाई।  

यह हैं मांगें
कर्मियों की मुख्य मांगों में प्रमुखता के तौर पर हरियाणा में सरकार द्वारा 3519 रूटों पर निजी बसों को नए परमिट देने का विरोध है। यह विरोध केवल रोडवेजकर्मियों का ही नहीं, बल्कि पूर्व में राज्य में 900 रूटों पर बसों को दौड़ा रहे सहकारी समितियों के बस संचालकों का भी है।

उन लोगों ने इस संबंध में हाईकोर्ट में केस भी दायर किया हुआ है। इसमें अगली पेशी 17 दिसंबर बताई गई है। डेढ़ लाख कच्चे कर्मियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये करना, सातवें वेतन आयोग का गठन का लाभ पंजाब की तर्ज पर देना, लिपिक समेत तमाम कर्मियों को पंजाब के समान वेतन देना, कैश लैस मेडिकल सुविधा प्रदान करना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर कर केंद्र के समान वेतन-भत्ते देना, निजीकरण, छंटनी, फ्रेंचाइजिज, रेशनलाइजेशन, आउटसोर्सिंग समेत कर्मी विरोधी नीतियों पर रोक लगवाने समेत कई मांगों के लिए कर्मी संघर्ष कर रहे हैं।

इंटक ने भी दिखाए तेवर
चक्का जाम करने की स्थिति से हर बार सरकार को इंटक बचाती रही है। इंटक के पदाधिकारियों और सदस्यों का रवैया सरकार के प्रति सकारात्मक रहा है लेकिन इस बार इंटक कर्मियों में अन्य संगठनों के पदाधिकारियों से अधिक नाराजगी सरकार के खिलाफ  दिखाई दी।

इंटक कर्मियों ने साफ कहा कि इंटक साथ तो बस नहीं जा सकती बाहर। वे लोग भाईचारे के साथ है। किसी भी प्रकार से कर्मियों पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं होगा।

ये नेता बरसे सरकार पर
इंटक के राज्य उपाध्यक्ष रवि शंकर ने कहा कि राज्य भर की 3850 बसें रोजाना हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू, दिल्ली, यूपी और राजस्थान तक दौड़ती हैं। केवल रोडवेज के 18 हजार कर्मचारी पूरे हरियाणा में हड़ताल पर हैं।

सभी विभागों के कई लाख कर्मी बुधवार को संघर्ष में शामिल रहे। कोई बस नहीं चली। हरियाणा रोडवेज का एक दिन में ही करीब साढे़ तीन करोड का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।

मौके पर राज्य उपाध्यक्ष रविशंकर, सर्वकर्मचारी संघ के जिला महासचिव सतपाल सैनी, डिपो प्रधान राजपाल, ऋषिपाल, जयनाराण, तेजेंद्रपाल, करमुद्दीन, मदनलाल शर्मा, योगराज, दलबीर पूनिया, सर्वकर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंहमार, रामनाथ वालिया, शेरसिंह दहिया, रमेश कंबोज, सूबेसिंह, जगतराम, ओमप्रकाश, सुरेश आदिवाल, कश्मीर सिंह, मंजू, सुमन, जसमेर कंबोज, ओमप्रकाश माटा, गिरधारीलाल, ईश्वरसिंह, वेदप्रकाश, वेम मलिक, चक्रवर्ती शर्मा, बलजीत शर्मा, ज्ञानचंद, कर्णसिंह, सतपाल, वाईपी यादव, हरीश आर्य, सियानंद परोचा, वीरभान समेत सैकड़ों कर्मियों ने पूरा दिन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

नीलोखेड़ी में सफल रहा बंद
नीलोखेड़ी में तालमेल कमेटी के आह्वान पर गोल मार्केट स्थित पार्क में सर्व कर्मचारी संघ व कर्मचारी महासंघ संगठित कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी हड़ताल में जोरदार नारेबाजी की।

तालमेल कमेटी की अध्यक्षता जिला प्रधान बजिंद्र शर्मा व मंच का संचालन सुरेश कुमार पाल ने किया। हड़ताल में सभी कर्मचारियों ने अपना कामकाज छोड़कर भाग लिया। शर्मा ने कहा कि सरकार ने वेतन तो बढ़ा दिया लेकिन कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया। सरकार को ठेका प्रथा बंद कर देनी चाहिए।

मौके पर उमेश कुमार, कुलबीर सिंह, रमेश कुमार, अजय कुमार, जोगेंद्र, ओमप्रकाश किंगर, सत्या देवी, करतार देवी, मधु ओमप्रकाश, अमित शर्मा, इंद्रजीत शर्मा, महाबीर सिंह, राजेंद्र, सुभाष शर्मा उपस्थित थे।

इंद्री में बिजली, पानी तक रहा बंद
इंद्री में हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर की गई हड़ताल कामयाब रही। कर्मचारियों ने जगह-जगह दिनभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उपमंडल कार्यालय के सामने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया गया।

प्रदर्शन की अध्यक्षता एसकेएस खंड प्रधान मलकीत सिंह व महासंघ के खंड प्रधान श्रीचंद ने की। प्रदर्शनकारियों को खेत मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जिलेसिंह पाल व नौजवान सभा के मेहर सिंह ने संबोधित किया। हड़ताल में बिजली विभाग, परिवहन विभाग, नपा, आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर, मिड-डे मिल कार्यकर्ता, आशा वर्कर, अध्यापक संघ, स्वास्थ्य विभाग व जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार के साथ साथ यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ नारेबाजी की। बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी ठप रहीं, जिससे आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल में पुरुष कर्मियों के बजाय महिलाओं की संख्या कई गुणा नजर आई।  

घरौंडा में दिनभर गरजे कर्मचारी
घरौंडा में हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए हर्बल पार्क में बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश शर्मा व विनोद जिंदल ने की।

कर्मचारियों ने सभी कामकाज ठप रखे, जिससे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैठक में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में कर्मचारियों ने पूरे शहर में जलूस निकाला। बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका, अध्यापक संघ आंगनबाड़ी, मिड-डे मिल सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार सुबह अपने-अपने कार्यालयों के सामने धरना दिया और सरकार विरोधी नीतियों पर रोष जताया।

बाद में सभी विभागों के कर्मचारी हर्बल पार्क में एकत्रित हुए। बसों का चक्का जाम होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं, प्राइवेट वाहन चालकों ने जमकर चांदी कूटी। संघ के प्रधान दिनेश शर्मा ने कर्मचारियों को कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का जायज बताया है और उनको पूरा करने का आश्वासन दिया है लेकिन सरकार फिर वादाखिलाफी कर रही है।

जुलूस हर्बल पार्क से सनातन धर्म मंदिर, मनी राम मंडी रेलवे रोड से होता हुआ विश्वकर्मा चौक पर समापन हुआ। मंच का संचालन नरेश सेन ने किया। मौके पर रंग लाल संधू, वीरेंद्र सिंह, मनीष गुप्ता, रामपाल, राजेश गर्ग, बाबू राम, सुरेश रसीन, कृष्ण अत्री, रमेश कुमार, कमलेश देवी, काला राम, नरेंद्र चोपड़ा, सुमन रोहिला, सुरेशो देवी, किरण बरसत, प्रवीण अराईपुरा, कमला, बबीता मौजूद रहे।

असंध में कर्मियों ने निकाला जुलूस
असंध में हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी की ओर से सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की कड़ी में राज्यव्यापी हड़ताल का असंध क्षेत्र में व्यापक असर देखा गया।

सड़कों से हरियाणा राज्य परिवहन निगम की बसें नदारद रही। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के अलावा क्षेत्र में सभी बारह पैक्सों पर भी कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। उत्तरी हरियाणा विद्युत वितरण एवं प्रसारण निगम उपमंडल कार्यालय व रावमा प्रांगण में एकत्रित सरकारी विभागों के नियमित व कच्चे कर्मचारियों ने प्रदर्शन व सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी का क्रम जारी रखा।

कर्मचारी नेता सुरेंद्र रेढू, रतन सिंह, कर्मचंद अगवाल व त्रिलोकी नाथ शास्त्री, कर्मबीर शर्मा ने कहाकि वर्तमान प्रदेश सरकार की कोरे आश्वासनों व वादाखिलाफी की नीति से अब कर्मचारी वर्ग बुरी तरह से तंग आ चुका है। कर्मचारियों ने असंध की सड़कों पर रोष जुलूस निकाला।

महावीर पोपड़ा, कर्मवीर सिंह, रामकरण शर्मा, राधेश्याम, पुष्पा राणा, बबीता, संतोष, रजनी, संतोष, सुनीता, रामकरण, रामकिशन सिवाच, राममेहर, जितेंद्र के अलावा किसान सभा के मास्टर बलजीत सिंह, खेमयू के शीशपाल ने भी विचार रखे। कर्मचंद अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हड़ताल के मौके पर मंच संचालन राजेश शर्मा ने किया।

निसिंग भी दिखा हड़ताल का असर
निसिंग में हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले पहले से निर्धारित सर्व कर्मचारी संघ व कर्मचारी महासंघ की ओर से अपनी मांगों के लिए स्वास्थ्य विभाग परिसर व विद्युत प्रसारण निगम प्रांगण में राज्यव्यापी हड़ताल पर धरना दिया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग कर्मी, विद्युत प्रसारण निगम कर्मी, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड-डे मिल वर्करों सहित अन्य विभागों के कर्मियों ने भाग लिया।

एमपीएचएस की जिला प्रधान लाजवंती व विद्युत प्रसारण निगम के यूनियन प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों व वादाखिलाफी के विरोध में हड़ताल की गई है। कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व विद्युत प्रसारण निगम में हड़ताल की वजह से दिनभर आम जन जीवन प्रभावित रहा। हरियाणा रोडवेज की बसें नहीं चलने से सवारियों को बस अड्डे पर भटकती नजर आई। कई गांवों की बिजली सप्लाई बंद होने से लोगों को पीने के पानी के लाले पड़े रहे।

जो सप्लाई रात को चलाई गई थी, दिन भर वही सप्लाई चलती रही। समाचार लिखे जाने तक हड़ताल के कारण बंद फीडरों की सप्लाई बंद पड़ी थी। क्षेत्र में हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही। मौके पर प्रधान महाबीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, ओमपति, प्रमीला, बिमला, सुनीता, रामपाल, केशवपाल, जेई राजकुमार शर्मा, मोहर सिंह, जयभगवान, पूर्णचंद, महेंद्र पांचाल, सतपाल, परमजीत कौर, ऋषिपाल, कविता मंजूरा, श्रीराम मौजूद रहे। 
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