माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली जीटी रोड के साथ खुले नाले नगर निगम आयुक्त के आदेश के बाद भी ढके नहीं गए हैं। आयुक्त ने एक महीने पहले इन नालों को ढकने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को आदेश दिए थे। जीटी रोड से रोजाना करीब 50 हजार वाहन गुजरते हैं। लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
शहर में जीटी रोड के दोनों ओर बने नाले कई जगहों पर 200 से 300 मीटर तक खुले पड़े हैं। ऊपर रखे स्लैब टूट चुके हैं। हर 50 से 100 मीटर पर नाले के ऊपर रखा स्लैब या तो टूट चुका है या इसे हटा लिया गया है। कई जगह स्लैब से सरिये निकल रहे हैं। अनाज मंडी से लेकर नमस्ते चौक तक के हालात बेहद खराब हैं।
ऊपर सड़क सुरक्षा के संदेश, नीचे खतरे में जान
जीटी रोड के फ्लाईओवर पर सड़क सुरक्षा से संबंधित अच्छे संदेश लिखे हैं। पास ही सड़क सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नाले खुले हैं। नाले जीटी रोड के इतने समतल हैं कि रात या बारिश के समय वाहन चालक की छोटी से गलती बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
आमने-सामने
पहले ग्रेप लगा था। इस वजह से काम नहीं हो पाया। नालों को ढकने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। उम्मीद है कि फरवरी अंत तक नालों को ढकने का काम पूरा हो जाएगा। -भानुप्रताप, सेक्शन इंजीनियर, एनएचएआई
एनएचएआई को करीब एक माह पहले आदेश दिए थे। अब उनको सख्ती से चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी एनएचएआई ने काम नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। -वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम