माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आबादी बढ़ने के साथ-साथ शहर का दायरा भी बढ़ता गया। लेकिन जरूरत के अनुसार सुविधाएं नहीं बढ़ीं। शहर के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं की भी दरकार है। करनाल को स्मार्ट सिटी का नाम जरूर मिला है लेकिन विकास पूरी तरह से नहीं हो पाया।
पिछले नौ साल से करनाल में न तो एचएसवीपी का कोई नया सेक्टर बना, न कोई वैध कॉलोनी। सरकार और प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया लेकिन लोगों की जरूरतें बढ़ने के साथ-साथ अवैध कॉलोनियां कटी तो असुविधाएं भी बढ़ती गईं। यहां सड़क, पेयजल और सीवरेज व्यवस्था भी नहीं है। बरसात के दिनों में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इधर, पुराने सेक्टरों में कहीं पार्क व्यवस्थित नहीं हैं, तो कहीं बेसहारा पशुओं, उखड़ी गलियों और लटकते बिजली के तारों से लोग परेशान हैं। शहर में आवासीय और वाणिज्यिक मिलाकर एचएसवीपी के 19 सेक्टर हैं। वहीं नगर निगम के सभी 20 वार्डों में प्रशासन द्वारा चिह्नित 21 अवैध कॉलोनियां हैं। करनाल का क्षेत्र 2520 वर्ग किलोमीटर है और निगम क्षेत्र की आबादी करीब पांच लाख है।
1974 में पहला और 2012 में कटा 20वां सेक्टर
अर्बन अस्टेट के तहत 1974 में सबसे पहले सेक्टर-13 बना था। इससे पहले कॉलोनियों में ही लोग रहते थे। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 1977 में गठित हुआ था। अब एचएसवीपी के कामर्शियल और आवासीय मिलाकर 20 सेक्टर हैं। सबसे अंत में 2012 में सेक्टर-32 कटा था। हालांकि सेक्टर-32 और 33 पार्ट-2 2018 में बसने शुरू हुए। 2013 में करनाल नगर निगम बना, इससे पहले नगर पालिका थी। निगम बनते ही कई गांव भी शहर में शामिल हुए थे। इनके हालात भी सुधरे नहीं हैं।
इस साल ये सेक्टर बना
सेक्टर-13 1974
सेक्टर-13 एक्सटेंशन 1977
सेक्टर-14 1980
सेक्टर-6 1982
सेक्टर-7 1986
सेक्टर-8 1987
सेक्टर-4 1992
महिला कांप्लेक्स 1992
सेक्टर-8 पार्ट-2 1994
सेक्टर-16 1995
सेक्टर-05 2000
सेक्टर-12 2000
सेक्टर-09 2001
पुरानी तहसील 2002
सेक्टर-33 और पार्ट-2 2007
ट्रांसपोर्ट नगर 2008
सेक्टर-32 और पार्ट-2 2012
करनाल में ये हैं 21 अवैध कॉलोनियां
गांव फूसगढ़ में उत्तम नगर के साथ, दुर्गा कॉलोनी के नजदीक, शेखपुरा सुहाना रोड पर सैलजा मिल के पीछे, शेखपुरा सुहाना रोड पर जेटीपीएल के सामने, कर्ण विहार कृपाल आश्रम के सामने, गांव मंगलपुरा के नजदीक आरके पुरम पार्ट-2, कुंजपुरा रोड पर हवाई पट्टी के सामने, गांव कटाबाग के पीछे पार्श्वनाथ सिटी के साथ और कटाबाग रोड पर, शक्ति पुरम पार्ट-2, कैलाश रोड पर बागपति के साथ, नजदीक पाम रेजिडेंसी रांवर रोड, मधुबन के सामने अशोक विहार एक्सटेंशन, नई अनाज मंडी के सामने न्यू रामदेव कॉलोनी, मंगल कॉलोनी पार्ट-2 मंडी रोड, शास्त्री नगर पार्ट-2, आनंद विहार पार्ट-2, हकीकत नगर पार्ट-2, कैथल रोड पर राधा स्वामी सत्संग घर के साथ, जिला जेल के सामने और गांव सैदपुरा के पास सेठी कॉलोनी।
घरौंडा में काट रहे नया सेक्टर, पुराने निगम के अधीन
घरौंडा में एचएसवीपी की ओर से नया सेक्टर काटा जा रहा है। नियमों के अनुसार दो-चार सेक्टरों को छोड़कर सभी नगर निगम के अधीन हैं। केवल पेयजल सुविधाएं ही एचएसवीपी के अधीन हैं। सभी सेक्टरों और शहर की कॉलोनियों में जरूरी सुविधाएं दे रहे हैं। सड़कों व गलियों की दशा सुधारने के लिए काम चल रहा है। नई कट रही अवैध कॉलोनियों में डीटीपी की ओर से कार्रवाई जारी है।
- निशांत कुमार यादव, उपायुक्त