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Karnal News: मेडिकल काॅलेज में न्यूरो सर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट की होगी नियुक्ति

Mon, 09 Mar 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की तैयारी शुरू कर दी गई है। लंबे समय से इन दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़, रोहतक या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इन पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
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मेडिकल कॉलेज के निदेशक की ओर से सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर कॉलेज और अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की सूची तैयार की गई है। प्राथमिकता के आधार पर न्यूरो सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट और कैथ लैब की स्थापना का प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) को भेजा गया है।

रोजाना 4 से 5 हजार की ओपीडी

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े सिविल अस्पताल में प्रतिदिन करीब चार से पांच हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या में हृदय रोग और नसों से संबंधित गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज भी शामिल होते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण ऐसे मरीजों को तुरंत रेफर करना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होते हैं। कई बार गंभीर स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। यदि मेडिकल कॉलेज में इन दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाती है तो जिले के मरीजों को अपने ही शहर में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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कैथ लैब बनने से हार्ट के मरीजों को लाभ

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कैथ लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी भेजा है। कैथ लैब बनने के बाद हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज की सुविधा मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे मरीजों को सरकारी दरों पर स्टेंट और अन्य जरूरी उपचार मिल सकेगा। अभी तक ऐसी सुविधा जिले में उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ता है। कैथ लैब शुरू होने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

निजी अस्पतालों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर अस्पताल की आवश्यकताओं की समीक्षा की गई है। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं की सूची तैयार कर डीएमईआर को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि न्यूरो सर्जन और कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होने के साथ ही कैथ लैब स्थापित होने पर जिले के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से भी राहत मिलेगी।
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