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Karnal News: अब न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे डॉक्टर

Mon, 09 Mar 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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करनाल। घरौंडा के सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदेशभर में जारी डॉक्टरों की हड़ताल रविवार शाम को समाप्त कर दी गई। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने एसएचओ समेत सात पुलिसकर्मियों के निलंबन और प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद यह निर्णय लिया। एसोसिएशन ने कहा है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए अब अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार की घटना बेहद गंभीर है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि फिलहाल मरीजों की परेशानी को देखते हुए हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया है लेकिन न्याय की लड़ाई कानूनी स्तर पर जारी रहेगी। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने बताया कि पूरे मामले में विभागीय जांच सिटी डीएसपी राजीव कुमार कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टर प्रशांत का कराया जाएगा तबादला

उधर, डॉक्टर प्रशांत का तबादला करने की तैयारी शुरू हो गई है। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में डॉ. प्रशांत के लिए वहां कार्य करना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें जिला नागरिक अस्पताल करनाल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर इस प्रकार की घटना हो चुकी हो वहां डॉक्टर के लिए सामान्य माहौल में काम करना मुश्किल हो जाता है।
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आज अस्पतालों में बढ़ेगी मरीजों की भीड़
- 48 घंटे तक ओपीडी बंद रहने से पांच हजार से अधिक मरीज हुए प्रभावित

करनाल। चार दिनों तक चली डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के बाद सोमवार को प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं फिर से सामान्य होने जा रही हैं। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल सकती हैं। हड़ताल के दौरान कई सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। इसके चलते बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया और उन्हें या तो निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा या फिर बिना इलाज घर लौटना पड़ा। जिले में ही करीब 48 घंटे तक ओपीडी बंद रहने से पांच हजार से अधिक मरीज प्रभावित हुए। कई मरीज अपनी जांच और इलाज टालकर सोमवार तक का इंतजार कर रहे। डॉ. दीपक गोयल ने कहा कि अस्पताल प्रशासन संभावित भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं करने में जुटा है।

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वीरवार से रविवार शाम तक का घटनाक्रम

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वीरवार को घरौंडा के नागरिक अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रशांत चौहान के साथ थाना प्रभारी दीपक कुमार व कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार और हिरासत में लेने का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही डॉक्टरों में रोष फैल गया। इसके बाद डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दीं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए हड़ताल का एलान कर दिया। एसपी ने देर रात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके तुंरत बाद एसपी ने एसएचओ को निलंबित कर दिया।

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शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का विरोध जारी रहा। डॉक्टर एसोसिएशन ने एसएचओ व संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। इस दौरान ओपीडी सेवाएं बाधित रही। केवल आपातकालीन मरीजों का इलाज किया गया।

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शनिवार सुबह से पूरे प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में एसोसिएशन की अपील पर हड़ताल शुरू हुई। कुछ अस्पतालों में गंभीर मरीजों को राहत देने के लिए इमरजेंसी सेवाएं आंशिक रूप से शुरू कर दी गईं, लेकिन ओपीडी सेवाएं बंद रहीं।

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रविवार को एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक हुई, जिसमें विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा की। वहीं शाम को डीसी ने मामले में हस्तक्षेप किया और छह पुलिसकर्मियों के निलंबन और प्रशासन के आश्वासन के बाद डॉक्टर एसोसिएशन ने चार दिन से चल रही हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया।

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घरौंडा अस्पताल से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया

करनाल। घरौंडा के सरकारी अस्पताल से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया है। अस्पताल में मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब एक साल पुराना और डॉक्टर प्रशांत का ही है लेकिन अब इसे दोबारा सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। करीब 39 सेकेंड के वीडियो में डॉक्टर और एक युवक के बीच बहस दिखाई और सुनाई दे रही है। ब्यूरो
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