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Karnal News: निगम चुनाव में झलक रहा परिवारवाद

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गगन तलवार
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करनाल। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में तो परिवारवाद के आरोप राजनीतिक दलों पर लगते आए हैं लेकिन करनाल में निकाय चुनाव में भी ऐसी झलक देखने को मिल रही है। किसी ने वार्डबंदी के कारण घर की चौधर को बरकरार रखने के लिए अपनी पत्नी, बेटी, बेटा या पति को मैदान में उतारा है तो कोई पार्षद पिता के दिवंगत होने के बाद अपनी राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाने के लिए चुनावी जंग में कूदा है।
वार्डों की ओवरऑल स्थिति देखें तो करनाल नगर निगम के 13 वार्डों में परिवार की झलक दिखाई दे रही है। यहां सात वार्डों में भाजपा ने पूर्व पार्षद के परिवार के सदस्यों को मैदान में उतारा है तो वहीं कांग्रेस ने भी अपने नेताओं के परिजनों पर दांव खेला है। इसके अलावा आठ वार्ड ऐसे हैं, जहां पूर्व में पार्षद रहे नेता टिकट कटने के बाद या तो स्वयं निर्दलीय मैदान में उतरे हैं, यहां फिर उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को मैदान में उतारा है।
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स्थिति को संभालने के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से निर्दलीयों को साधने का प्रयास भी किया जा रहा है। भाजपा ने दो वार्ड आठ और 11 में निर्दलियों से समर्थन लेने के बाद अपने प्रत्याशियों को निर्विरोध चुनाव जितवा लिया है। इसी तरह कांग्रेस की ओर से भी पांच निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन दिया गया है, यहां पार्टी ने किसी को भी टिकट नहीं दिया है। विदित हो कि करनाल नगर निगम के 20 वार्ड हैं। भाजपा और कांग्रेस मेयर चुनाव के लिए आमने सामने है। तो वार्ड पार्षदों में भाजपा सभी 20 वार्डों पर तो कांग्रेस 15 वार्डों पर मैदान में है।
इन 13 वार्डों में एक ही परिवार के प्रत्याशी
वार्ड-04 : यहां भाजपा ने भूपेंद्र नोतना को मैदान में उतारा है। पहले इनके परिवार से ही नीलम पार्षद रह चुकी हैं। यहां निर्दलीय रोहताश लाठर भी चुनाव लड़ रहे हैं। 2018 तक इनकी पत्नी कमलेश लाठर भी पार्षद रही।

वार्ड-06 : यहां निर्दलीय अंकित कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। इनके पिता विनोद तितोरिया भी कांग्रेस से पार्षद रह चुके हैं।

वार्ड-08 : यहां भाजपा ने संकल्प भंडारी को मैदान में उतारा। 2018 से इनकी पत्नी मेघा भंडारी पार्षद थी।

वार्ड-09 : यहां भाजपा ने सुजाता अरोड़ा को मैदान में उतारा है। 2018 से अब तक इनके देवर मुकेश अरोड़ा पार्षद रहे। इससे पहले 2013 से 2018 तक सुजाता पार्षद रही।

वार्ड-10 : भाजपा से टिकट कटने के बाद अब तक पार्षद रहे वीर विक्रम कुमार की बेटी आयशा कुमार निर्दलीय मैदान में हैं। वीर विक्रम 2018 तक प्रदेश सरकार के मनोनीत पार्षद भी रहे।



वार्ड-11 : यहां भाजपा ने संजीव मेहता को मैदान में उतारा। इनके पिता शशी पाल मेहता पूर्व में प्रदेश के उद्योग मंत्री भी रह चुके हैं।

वार्ड-12 : यहां भाजपा ने मोनिक गर्ग को मैदान में उतारा है। अब तक यहां इनकी पत्नी मोनिका गर्ग पार्षद थी। इससे पहले 2013 से 18 तक इनके पिता कृष्ण गर्ग पार्षद और सीनियर डिप्टी मेयर भी रहे।

वार्ड-13 : यहां अब तक पार्षद रहे ईश गुलाटी इस बार भी निर्दलीय मैदान में हैं। इससे पहले दो बार इनके पिता सुदेश गुलाटी भी पार्षद रह चुके हैं।

वार्ड-14 : भाजपा ने यहां अमृत लाल जोशी को मैदान में उतारा है। इनकी पत्नी भी पार्षद रह चुकी हैं। 2018 तक कांग्रेस के पार्षद रहे विनोद तितोरिया, इस बार निर्दलीय मैदान में हैं, इनका बेटा दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ रहा है।
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वार्ड-15 : 2018 से अब तक पार्षद रहे युद्धवीर सैनी की पत्नी प्रियंका देवी निर्दलीय मैदान में हैं।

वार्ड-18 : 2018 से अब तक भाजपा के पार्षद रहे हरीश कुमार इस बार निर्दलीय मैदान में हैं। 2013 से 18 तक इनकी पत्नी इसी वार्ड से पार्षद रहीं।

g वार्ड-19 : भाजपा ने पिछले कार्यकाल में सीनियर डिप्टी मेयर रहे राजेश अग्घी को मैदान में उतारा है। अब से पहले इनके पिता भगवानदास और पत्नी भी पार्षद रहे हैं।

g वार्ड-20 : कांग्रेस से टिकट कटने के बाद तरुण चौहान निर्दलीय मैदान में हैं। 2013 से 2018 तक इनके पिता दिवंगत जोगिंद्र चौहान भी पार्षद रहे।
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