करनाल। बस में यात्रियों की जेब काटने वाले गिरोह का पुलिस के डिटेक्टिव स्टाफ ने खुलासा किया है और दो आरोपियों को पकड़ लिया है। यह रिश्तेदारों का गिरोह है। इसमें एक आरोपी ताऊ, एक भतीजा और दो मामा शामिल है। इनसे 13 मामलों को खुलासा हुआ है। पुलिस अन्य दो आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि एसपी गंगा राम पूनिया ने जेब कटने के मामलों की जांच उन्हें सौंपी थी। उन्होंने एएसआई हिम्मत सिंह की अध्यक्षता में टीम गठित की। इस टीम ने 7 अक्तूबर को आरोपी सागर निवास गांव नौरता जिला करनाल व रवि निवासी गांव श्यामगढी जिला शामली उत्तर प्रदेश को इंद्री से गिरफ्तार किया। दोनों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इन्होंने दो ओर आरोपियों का खुलासा किया है।
इनमें सुंदर निवासी गांव नौरता जिला करनाल व सुशील निवासी श्यामगढी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें आरोपी सागर का सग्गा ताऊ आरोपी सुंदर है और सागर के दो सगे मामा सुशील और रवि हैं।
इन आरोपियों ने इंद्री, सदर, घरौंडा, सिविल लाइन व सेक्टर-32,33 थाना क्षेत्रों में बस स्टैंड के आस पास वारदात को अंजाम दिया है। इससे अलग पुलिस ने लाडवा, कुरुक्षेत्र व पानीपत में भी वारदात को अंजाम दिया है। इन आरोपियों ने पहले भी करीब सात वारदातों को अंजाम दिया हुआ है। यह पहले गिरफ्तार भी हो चुके हैं जो जमानत पर जेल से बाहर आए हुए हैं।
मोटी जेब दिखते ही काट लेते थे
इंस्पेक्टर हरजिंद्र ने बताया कि ये आरोपी किसी एक बस स्टाप पर मौजूद रहते थे और वहां देखते थे कि किस व्यक्ति की जेब भारी व मोटी दिख रही है। उसे देखकर नगदी होने का अंदाजा लगा लेते थे और फिर जैसे ही वह व्यक्ति बस में चढ़ता था तो आरोपी भीड़ होने के कारण उसे चारों तरफ से घेरकर खडे़ हो जाते थे और मौका लगते ही ब्लेड से उसकी जेब काटकर उतरकर मौका से फरार हो जाते थे। जब आरोपियों को बस में चढ़ने के दौरान मौका नहीं लगता था तो आरोपी सवारी के साथ बस में चढ़ जाते थे और कंडक्टर से आगे की टिकट भी ले लेते थे। जैसे ही बस में आरोपियों को मौका लगता तो आरोपी जेब काटकर नगदी चुराकर मौके से फरार हो जाते थे।
इन वारदातों को हुआ खुलासा
- इन आरोपियों ने 6 अगस्त को सुरेंद्र सिंह निवासी करनाल की नए बस स्टैंड पर बस में चढ़ते समय जेब काटी थी और 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए थे। यह मामला 9 अगस्त को थाना सदर में दर्ज है।
- 24 दिसंबर 2020 को आरोपियों ने सतीश मित्तल निवासी सेक्टर-8 की नए बस स्टैंड पर जेब काटकर उसका पर्स चोरी कर लिया था। जिसमें करीब 1100 रुपये थे। यह मामला 11 जनवरी 2021 को सदर थाना में दर्ज किया गया।
- 24 जनवरी 2020 को इन आरोपियों ने वकील जसबीर सिंह की नए बस स्टैंड पर बस में चढ़ते समय जेब काटी थी और पर्स निकाल लिया था। जिससे 7 हजार रुपये थे। यह मामला 27 जनवरी 2020 को सदर थाना में दर्ज किया गया था।
- 26 अक्तूबर 2020 को गांव नेवल निवासी श्याम सिंह की जेब काटी थी। जिससे 20 हजार रुपये चोरी किए थे। यह मामला भी 26 अक्तूबर 2020 को सदर थाना में दर्ज किया गया।
- बसंत विहार निवासी सरिंद्र की भी 26 अक्तूबर 2020 को बस स्टैंड पर जेब काटी थी। जिससे 10500 रुपये चोरी किए गए। यह भी मामला 27 अक्तूबर 2020 को थाना सदर में दर्ज किया गया।
- गांव पटहेड़ा निवासी जय नारायण की 16 नवंबर 2020 को नए बस स्टैंड पर बस में चढ़ते समय जेब काटी गई। जिसमें 50 हजार रुपये थे। यह मामला 16 नवंबर 2020 को सदर थाना में दर्ज किया गया।
- पानीपत निवासी बलराज की 3 नवंबर को नए बस स्टैंड पर खाना खाते समय जेब काटी गई। जिसमें 20 हजार रुपये थे। यह मामला सदर थाना में 4 दिसंबर को दर्ज किया गया।
- श्यामगढ़ निवासी रविंद्र सैनी की इंद्री बस स्टैंड पर 3 फरवरी को जेब काटी गई। जिसमें 26 हजार रुपये थे। यह मामला इंद्री थाना में 3 फरवरी को दर्ज की गई
- गांव टपरियों निवासी सत्यवान की 7 अक्तूबर को सब्जी मंडी इंद्री से पर्स चोरी किया गया। जिसमें 17 हजार रुपये थे। यह मामला 8 अक्तूबर को इंद्री थाना में दर्ज किया गया।
- घरौंडा निवासी नितिन की 24 अगस्त को बैंक में रुपये जमा कराने के दौरान जेब काट ली गई। 25 हजार रुपये चोरी किए गए। यह मामला 24 अगस्त को घरौंडा थाना में दर्ज किया गया।
- गांव टपराना उत्तर प्रदेश निवासी सलीम की 28 सितंबर को मेरठ रोड पर बस में जेब काटी गई। जेब में 40 हजार रुपये थे। यह मामला सेक्टर-32 में दर्ज है।
- 17 फरवरी को नंद किशोर सचिव हेफेड की बस यात्रा के दौरान जेब काटी गई। 12200 रुपये चोरी किए गए। यह मामला 28 फरवरी को सिविल लाइन थाना में दर्ज है।
- गांव रामपुरा निवासी विनोद कुमार की 1 सितंबर को देवीलाल चौक पर बस में चढ़ते समय जेब काटी, जिससे 50 हजार रुपये चोरी किए। यह मामला सिविल लाइन थाना में 2 सितंबर को दर्ज किया गया।