संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आशा कर्मचारियों के हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 14 सितंबर तक चलने वाला राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अटक गया है। स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने इस स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। वहीं दूसरी ओर उच्चाधिकारियों ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को किसी भी हालत में शुरू करवाने के आदेश स्थानीय अधिकारियों को दे दिए है।
लंबित मांगों को लेकर आशा कर्मचारी पिछले 25 दिनों से हड़ताल पर है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों का भी पूरे प्रदेशभर में कार्य रुका हुआ है। वहीं एक सितंबर से शुरू हो रहे राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में करनाल जिले से स्वास्थ्य विभाग ने 85 टीमों का गठन किया था। जिनमें 85 आशा कर्मचारी और उनके साथ 85 ही पुरुष स्वयंसेवक शामिल किए जाने थे।
वहीं अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गई आशा कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार के किसी भी कार्य में हाथ बंटाने से साफ तौर पर मना कर दिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम शुक्रवार के शुरू नहीं हो सका। सर्वे में स्वास्थ्य विभाग ने 85 टीमों का गठन किया गया था। टीमों को 33 हजार 220 घरों में रहने वाली एक लाख 66 हजार 600 जनसंख्या से रोगियों की तलाश करनी थी।
इन क्षेत्रों में चलना था कार्यक्रम
एक से 14 सितंबर तक जिले के अर्बन ब्लॉक सीएचसी घरौंडा, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, यूपीएचसी रामनगर, यूपीएससी शिव कॉलोनी, यूपीएससी इंद्रा कॉलोनी, यूपीएचसी धोबी मोहल्ला, यूपीएससी सेक्टर-13, यूपीएचसी सेक्टर-छह, यूपीएससी बसंत विहार के संवेदनशील स्थानों में शहरी कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जाना था। इसके अंतर्गत संवेदनशील स्थानों जैसे झुग्गी, बस्ती ,फैक्टरी, मिल, मंडी, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड, कंस्ट्रक्शन साइट्स, ढाबों व घर-घर जाकर कुष्ठ संभावित व्यक्तियों की खोज करनी थी।