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Karnal News: चार दिन पहले खरीदी सरसों मंडी में पड़ी, एजेंसी बदलने से चिंता में किसान

Sat, 04 Apr 2026 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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.घराैंड़ा अनाज मंडी रखा सरसों का ढ़ेर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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घरौंडा। अनाज मंडी में 30 मार्च को खरीदी गई 500 क्विंटल सरसों अभी भी मंडी में ही पड़ी हुई है। चार दिन से उठान न होने से किसान परेशान हो गए हैं। उठान न होने के पीछे खरीद एजेंसी का बदलना माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि विभाग की लापरवाही से उनकी सरसों पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रही है। जिस कारण सरसों का उठान नहीं हो रहा है।
दरअसल, सरकार ने 28 मार्च से सरसों की खरीद के निर्देश जारी कर दिए थे। सरसों की खरीद 30 मार्च को आनन-फानन दोपहर बाद शुरू की गई। पहले दिन सरसों की खरीद स्टेट वेयर हाउस ने की लेकिन पोर्टल पर एजेंसी का नाम अलॉट नहीं हुआ। 30 मार्च को ही सरकार ने आदेश जारी कर दिए कि सरसों की खरीद हैफेड करेगी। अब सरसों की खरीद हैफेड खरीद कर कर रही है लेकिन जिन किसानों की 30 मार्च को सरसों की खरीद की थी, उनकी फसल आज भी मंडी में ही पड़ी है।
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किसान महेंद्र सिंह, महक सिंह ने बताया कि उनकी सरसों की फसल सरसों की स्टेट वेयर हाउस ने खरीदी थी लेकिन अब सरसों को फसल हैफेड कर रही और स्टेट वेयर हाउस एजेंसी पोर्टल पर पर शो नहीं हो रही है।
स्टेट वेयर हाउस एजेंसी के मैनेजर अमरजीत सिंह का कहना है कि पोर्टल पर स्टेट वेयर हाउस एजेंसी के अपलोड न होने पर मार्केट कमेटी सरसों को अपलोड नहीं कर पा रही है। अब उस सरसों को हैफेड एजेंसी को देने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को दिक्कत नहीं आने देंगे।
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तीसरे दिन हुई बंपर आवक, खरीद सिर्फ आधा प्रतिशत
जिले की मंडियों में गेहूं खरीद के तीसरे दिन किसानों को निराशा का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को जिले की 24 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर कुल 2,470 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई, लेकिन खरीद केवल करनाल अनाज मंडी तक सीमित रह गई। यहां भी महज 11 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी, जिसे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने खरीदा।
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कम खरीद की मुख्य वजह गेहूं में अधिक नमी बताई जा रही है, जिसके चलते अधिकतर फसल निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतर सकी। इससे मंडियों में पहुंचे किसानों को अपनी फसल लेकर इंतजार करना पड़ा और कई किसान बिना बिक्री के ही लौटने को मजबूर हुए। दिनभर खरीद न होने की चिंता झेल रहे किसानों की परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब शुक्रवार शाम को हल्की बारिश शुरू हो गई।
किसान अपनी फसल को बचाने के लिए दौड़ पड़े। तिरपाल और शेड का सहारा लिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बारिश ज्यादा देर तक नहीं हुई।

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