गांव टपराना में एक ही परिवार के बीच बच्चों से शुरू हुआ झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया और एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। वह व्यक्ति परिवार के इस झगड़े में बीच-बचाव करने आया था। महिलाओं सहित 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। टपराना गांव निवासी राजपाल ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूरी करता है। 5 अगस्त की शाम जब वह काम से घर लौट रहा था, रास्ते में उसके चाचा देइ राम का पोता प्रदीप मुझे घूर रहा था। उसके साथ टीटू के दो लड़के गौरव और सौरव भी थे। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अपना इंतजाम कर ले। मैं चुपचाप घर आ गया। रात करीब 8-9 बजे आरोपी प्रदीप अपने परिवार के टीटू, टीटू की पत्नी पिंकी, सुल्तान का बेटा नफे सिंह, भानी, सुनील, करणे का जमाई, दलीप का भांजा रॉकी, पाला का लड़का कृष्ण, बिट्टू व कर्मवीर का लड़का प्रहलाद दलीप की घरवाली मूर्ति व कणों ने मिलकर हमारे घर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर मेरे चाचा का लड़का गुलाब बीच-बचाव करने आया तो आरोपियों ने उसके सिर में डंडे व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद गुलाब को लेकर इंद्री सीएचसी मेडिकल कराने ले जा रहे थे तो रास्ते में जनेशरो गांव के समीप आरोपियों ने दोबारा से हमला कर गुलाब के सिर में चोट मार दी। गंभीर हालत में उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया। वहां से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। 10 अगस्त को उसे नीलोखेड़ी उसके ससुराल लेकर आ गए थे लेकिन तबीयत फिर खराब हो गई। 11 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
गुलाब की मौत के बाद 3 बच्चों (दो लड़कियां एक लड़का) के सिर से पिता का साया उठ गया। पूरे परिवार का रो-रो के बुरा हाल है उधर परिवार के झगड़े को शांत करने के लिए पुलिस की पीसीआर तैनात कर दी गई है ताकि परिवार के लोगों में दोबारा झगड़ा न हो और गांव में शांति बनी रहे। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
गांव टपराना में एक ही परिवार में हुए झगड़े के मामले में मृतक के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है और शिकायत के आधार पर महिलाओं सहित 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बलजीत सिंह, सदर थाना प्रभारी।