करनाल जिले की चार नगर पालिकाओं में चेयरमैन बनाने को लेकर सियासत गर्माने लगी है। चेयरमैन बनने को लेकर चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक आकाओं के दरबार में हाजिरी भर रहे हैं। वहीं, स्थानीय विधायकों के रुख को भी पार्षद भांप रहे हैं। असल में स्थानीय विधायक ही नपा चेयरमैनों का फैसला करेंगे। इसके लिए घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, असंध से बख्शीश सिंह, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी के लिए भी यह चुनाव परीक्षा से कम नहीं है। हालांकि, इंद्री से विधायक कर्णदेब कांबोज पहले ही जिला परिषद में भाजपा का चेयरमैन बनाकर परीक्षा पास कर चुके हैं।
चुनाव के एक माह के अंदर पार्षदों की शपथ और चेयरमैन का चुनाव होना होता है। ऐसे में 22 मई को चुनाव हुए थे, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने चारों नगर पालिकाओं के पार्षदों के शपथ ग्रहण कराने को लेकर अधिकारियों को नियुक्त किया है, हालांकि अभी इसके लिए तिथि तय नहीं की गई है। घरौंडा के चुनाव के लिए एसडीएम करनाल की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि असंध के एसडीएम की असंध के लिए जिम्मेदारी लगाई गई है। तरावड़ी व निसिंग के लिए अलग अलग अधिकारी नियुक्त किए हैं। उम्मीद की जा रही है कि आगामी सप्ताह में चेयरमैन के चुनाव हो सकते हैं। वहीं, इस बात के भी प्रयास चल रहे हैं कि चारों नपा के पार्षदों को विधायकों की तरफ से पहाड़ों की ठंडी वादियों का भ्रमण कराया जाए और वहीं पर चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पद को लेकर चुनाव किया जाए।
कहां पर किसके समीकरण
दीपक छाबड़ा और संदेश जिंदल में है मुकाबला
असंध में कुल 15 पार्षद हैं। भाजपा समर्थित सात पार्षद हैं। इस बार जनरल पुरुष चेयरमैन बनेगा। वार्ड 11 से दीपक छाबड़ा जीत के बाद इनेलो को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, वहीं वार्ड 14 से संदेश जिंदल कांग्रेसी रहे हैं। ऐसे में दोनों में मुकाबला है। वहीं वार्ड नंबर 5 से रामअवतार भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन क्योंकि उसने सीपीएस के रिश्तेदार जसबीर सिंह को हराया है तो वे सीपीएस की पसंद नहीं हैं। ऐसे में ज्यादा मजबूत दावा छाबड़ा का माना जा रहा है। देखना यह है कि सीपीएस की थपकी किस पार्षद को मिलती है। यहां पर जातिगत समीकरणोें पर ज्यादा जोर है।
घरौंडा में तीन दावेदार
घरौंडा में भाजपा समर्थित छह पार्षद हैं, जीत के लिए 9 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में वार्ड नंबर पांच से नीलम सिंगला और वार्ड 7 से कंवलजीत प्रिंस का नाम चेयरमैनी की दौड़ में लिया जा रहा है। वहीं, वार्ड चार से सुभाष गुप्ता दोनों के बीच कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कई बार विधायक पार्षदों की बैठक ले चुके हैं और उनकी भावनाओं को महसूस कर चुके हैं। अहम बात यह है कि जब भी विधायक ने बैठक बुलाई है तो 17 पार्षद मौजूद रहे, ऐसे में फैसला विधायक के हाथ में ही होगा। अभी विधायक पार्षदों की नब्ज टटोल रहे हैं और जातिगत समीकरणों के आंकड़े भी समझ रहे हैं।
तरावड़ी : विधायक की भाभी पर टिकी नजरें
तरावड़ी नगरपालिका में कुल 15 वार्ड हैं। इस बार यहां पर एससी महिला के लिए यह पद रिजर्व है। चेयरमैन पद के लिए विधायक की भाभी रेखा कबीरपंथी पर सभी की नजरें टिकी हैं। तरावड़ी में चर्चाएं है कि चौधर की कुर्सी विधायक के परिवार को ही मिलेगी। बता दें कि रेखा को सर्वसम्मति से पार्षद चुना गया था। वहीं, अगर इसका विरोध हुआ तो तीन महिला पार्षद भी दावेदारी जता रही हैं। इनमें वार्ड नंबर 6 से पूजा, 7 से मुकेश, वार्ड 2 से मीना रानी के नाम दौड़ में हैं।
निसिंग : नवनीत और सलिंद्र के बीच कशमकश
निसिंग में कुल 13 वार्ड हैं। यहां पर भाजपा के छह पार्षद हैं। इस बार एससी पुरुष के लिए चेयरमैन पद रिजर्व है। वार्ड दस से नवनीत सिंह प्रधान पद की दौड़ में हैं, वहीं विधायक व जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी सलिंद्र सिंह पर अपना आशीर्वाद रखे हुए हैं। नवनीत का दावा है कि उसके साथ 7 पार्षद हैं, जबकि सलिंद्र सिंह भी दावा ठोक रहे हैं। देखना यह है कि आगे क्या होगा। फिलहाल जोड़तोड़ और जोर आजमाइश का खेल चल रहा है। विधायक लगातार पार्षदों के संपर्क में हैं।
नाखुश को वाइस चेयरमैन बनाने की कोशिश
सत्ताधारी पार्टी भाजपा की कोशिश है कि नाराज पार्षदों को उपप्रधान पद देकर राजी किया जाए, लेकिन अभी सभी जगहों पर पेंच फंसा हुआ है। सबसे पहले सभी का टारगेट चेयरमैन पद है। असंध, निसिंग में दूसरे दलों से पार्षद भाजपा में शामिल हुए हैं, वहीं भाजपा के पुराने कार्यकर्ता इस बात से नाखुश हैं, वहीं घरौंडा और तरावड़ी में भी जोर आजमाइश का खेल जारी है। देखना यह कि तीनों विधायक अपने अपने क्षेत्र में किसके सिर पर चौधर का ताज रखेंगे, हालांकि इसको लेकर जातिगत समीकरणों को भी साधने की कोशिशें हो रही हैं।
वर्जन
चुनाव के एक माह के अंदर चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव कराना होता है। जल्द ही इसके लिए शेड्यूल तैयार कर लिया जाएगा और पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी और चुनाव कराया जाएगा। अभी तिथि तय नहीं की गई हैं, जल्द ही तारीख निश्चित कर ली जाएगी।
- योगेश कुमार, एसडीएम, करनाल।
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वर्जन
निकाय चुनावों में ज्यादातर भाजपा की सोच वाले व्यक्ति ही जीते हैं। जाहिर सी बात है कि चेयरमैन भी भाजपा के ही बनेंगे। चारों नपा पालिकाओं में भाजपा के पार्षद ज्यादा है, हो सकता है कि सर्वसम्मति से चेयरमैन चुन लिए जाएं।
- भगवानदास कबीरपंथी, जिलाध्यक्ष, भाजपा