संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम सदन की बैठक 11 अगस्त को ग्रेपेलिकन रिजोर्ट में होगी। इस बार सदन की बैठक में शहर में पिछले दिनों बारिश से हुआ जलभराव अहम मुद्दा रहने वाला है। पार्षद नगर निगम अधिकारियों को जलभराव पर घेरने की तैयारी कर रहे हैं। अब तक कई बार शहर में जलभराव हो चुका है।
पार्षदों के मुताबिक मानसून से पहले नालों की सफाई कराने से लेकर जलभराव नहीं होने तक के दावे तो बहुत किए गए थे, लेकिन बारिश के पानी में सब गए। इसके अलावा शहर की अवैध कॉलोनियों में काम न होने से हो रही लोगों की परेशानी और खराब स्ट्रीट लाइट का मुद्दा बैठक में इस बार अहम रहने वाला है।
सदन की बैठक का एजेंडा सभी नगर निगम पार्षदों को भेजा जा चुका है। एजेंडे में इस बार 25 प्वाइंट को शामिल किया गया है। वार्ड नंबर 2, 3, 14, 17, 19 के कार्यों को एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है। शहर के शक्ति नगर, मटका चौक, बर्तन बाजार और नगर निगम जगाधरी कार्यालय के सामने थोड़ी सी बारिश में ही जलभराव हो जाता है।
वार्ड नंबर 20 के पार्षद विक्रम राणा ने बताया कि तिलक नगर, ससौली माजरी व अन्य कॉलोनियों में हर साल बारिश के पानी का जलभराव होता है। पंपिंग सेट लगे तो समस्या का समाधान हो सकता है। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो ना चाहिए। वहीं वार्ड में कई पुरानी कॉलोनियां जो 1970 से बसी हैं वह आज भी अवैध दिखाई गई हैं। उनमें कोई काम नहीं कर पा रहे हैं।
वार्ड 2 के पार्षद अरुण कुमार ने बताया कि पहली बैठक में जो काम एजेंडे में शामिल करवाए थे, उनमें से कुछ चल रहे हैं और कुछ प्रोसेस में हैं। इस पर एजेंडे में इस बार कोई काम शामिल नहीं करवाया।
मेरा वार्ड चारों तरफ से दूसरे वार्डों से अटैच है, इसलिए उनमें काम होते हैं तो मेरे वार्ड में भी काम हो जाते हैं। वार्ड 14 की पार्षद सुनैना शर्मा ने बताया कि एजेंडे में शामिल करने के लिए काम की लिस्ट दी थी। वह देरी होने की बात कह कर एजेंडे में शामिल नहीं किए गए। जब लिस्ट मांगी गई तो वह बाहर थी।
मेरे वार्ड में एक भी काम नहीं हुआ : जयंती स्वामी
वार्ड 3 के पार्षद जयंत स्वामी ने बताया कि पिछले एजेंडे पर ही मेरे वार्ड में कोई काम नहीं हुआ है। इस बारे में सदन की बैठक में अधिकारियों से प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगेंगे। जब पिछले काम नहीं हुए तो नए एजेंडे देकर क्या करेंगे? तीन मीटिंग में एजेंडे दिए लेकिन काम एक भी नहीं हुआ। मेरे वार्ड का 80 प्रतिशत अवैध है। पांच-छह प्रमुख कॉलोनियां वैध हो जाती तो लोगों को कुछ राहत मिल जाती। राधा कृष्ण कॉलोनी का बहुत बुरा हाल है। तेलीपुरा से जड़ौदा, तेलीपुरा से मुकारबपुर तक और महर्षि कश्यप चौक से तेलीपुरा तक सड़कों पर लाइट ही नहीं हैं।
नगर निगम की पिछली बैठकों में पार्षदों ने जो काम बताए थे उनमें से कितने पूरे हुए और कितने नहीं, इस बारे में अधिकारियों से सवाल जवाब किया जाएगा। इसके लिए 11 अगस्त को बैठक बुलाई गई है। सभी पार्षदों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। यदि कोई अधिकारी जानबूझ कर काम कराने में लापरवाही बरत रहा है तो उस पर भी जवाब लिया जाएगा। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।