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Karnal News: एमआरआई मशीन 12 दिन से खराब, 200 मरीजों की जांच टली

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मेडिकल कॉलेज में रेडियोलॉजी विभाग के बाहर बैठे मरीज। अमर उजाला
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में लगी एमआरआई मशीन पिछले 12 दिनों से खराब है। मरीजों को जांच के लिए आगे की तारीखें दी जा रही हैं। अब तक 200 मरीजों की जांच को टाला जा चुका है।
निजी केंद्रों में एमआरआई जांच के लिए 7 से 10 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की सुविधा निशुल्क है। कई मरीजों की सर्जरी और आगे का उपचार भी जांच रिपोर्ट के अभाव में टल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, मशीन का एक पार्ट खराब हो गया है। जर्मनी से मंगाया गया है। जब तक पार्ट नहीं आता मशीन शुरू नहीं हो सकेगी। इंतजार बढ़कर एक माह तक का भी हो सकता है।
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यूपी से भी आते हैं मरीज

मेडिकल कॉलेज में हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। एमआरआई जैसी महंगी जांच यहां निशुल्क होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को विशेष राहत मिलती है।



मरीजों की पीड़ा
निजी सेंटर पर कराई एमआआई

सेक्टर-6 निवासी संदीप कुमार ने बताया कि रीढ़ की समस्या के कारण एमआरआई की जरूरत थी। उन्हें 10 दिन पहले की तारीख मिली थी, लेकिन मशीन खराब होने से जांच नहीं हो सकी। डॉक्टर को रिपोर्ट के आधार पर दवा बदलनी थी, अब निजी सेंटर पर 8 हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं।
मजबूरी में बाहर जांच कराई

गांव कुंजपुरा निवासी रीना देवी के सिर में चोट लगने के बाद एमआरआई की सलाह दी गई थी। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच की उम्मीद थी, लेकिन तारीख आगे बढ़ा दी गई। मजबूरी में बाहर जांच करानी पड़ी।


तीन बार लौटा दिया गया
इंद्री रोड निवासी आरिफ के पिता को ब्रेन से संबंधित समस्या है। उन्होंने बताया कि तीन बार अस्पताल गए, हर बार कहा गया मशीन ठीक नहीं है। आखिरकार निजी अस्पताल में 9 हजार रुपये देकर जांच कराई है।
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वर्जन -

एमआरआई मशीन के एक पुर्जा जर्मनी से आना है। कोशिश है कि जल्द ये पुर्जा आ जाए ताकि मरीजों को दिक्कतें न झेलनी पड़ें। - डॉ. एमके गर्ग, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज

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