करनाल। अगस्त माह में तीसरी बार बुधवार दोपहर को हल्की बारिश हुई। इसके बाद तेज धूप के बाद उमस में इजाफा हो गया। मानसून एक बार फिर रूठ गया है। अब इस सप्ताह बारिश के आसार नहीं है। इसके साथ साथ तापमान में भी वृद्धि के आसार बन रहे हैं। जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। किसानों को भी धान आदि की फसलों में सिंचाई करनी होगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने 19 अगस्त कर बीच में जहां तहां बूंदाबांदी की भी संभावना जताई है।
जानकारी के अनुसार चार और 11 अगस्त को चार चार एमएम बारिश हुई थी। इसके बाद बुधवार को केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान की जिला मौसम शाखा में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। अगस्त माह में सिर्फ 15 एमएम ही बारिश दर्ज की गई है। बारिश दोपहर को 12.15 बजे शुरू हुई और कुछ समय तक ही चली। बारिश के दौरान तो गर्मी से राहत मिली लेकिन इसके बाद तेज धूप हो जाने के कारण तापमान एक बार फिर बढ़ गया और उमस से लोग परेशान रहे। बुधवार को अधिकतम तापमान 33.8 व न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के जिला कृषि मौसम सेवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह के अनुसार बुधवार के बाद मानसूनी गतिविधियों के शिथिल पड़ने के आसार है। जिससे अब 19 अगस्त तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान के 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे रात के दौरान भी उमस बढ़ सकती है।
मानसून रूठ जाने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि इन दिनों बहुतायत में खेतों में धान का फसल लगी हुई है। जिससे पानी की आवश्यकता रहती है। हालांकि बुधवार की हल्की बारिश से धान व गन्ने की फसल को फायदा पहुंचा है लेकिन धान की फसल के लिए ये बारिश नाकाफी थी। इसलिए किसानों को धान की फसल की सिंचाई करनी पड़ सकती है। हालांकि वैज्ञानिकों ने ये संभावना भी जताई है कि बादलों की आवाजाही के बीच कहीं कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो भी सकती है।