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पोर्टल में खामियां से गुस्साएं आढ़तियों ने की हड़ताल

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पोर्टल में खामियों और किसानों के खाते में सीधे पेमेंट करने के विरोध में मंगलवार दोपहर करनाल अनाज मंडी में आढ़तियों ने खरीद बंद कर दी। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद आढ़तियों ने बैठक करके बुधवार से हड़ताल का ऐलान कर दिया है। वहीं, तमाम तरह के विवादों और समस्याओं के बीच मंगलवार को जिलेभर के सभी खरीद केंद्रों पर कुल 3 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। प्रशासन के अधिकारी लगातार आढ़तियों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आढ़तियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी तो वे खरीद नहीं करेंगे। वहीं, ऐसे में किसानों की समस्या और बढ़ गई है। एक तो मौसम लगातार बदल रहा है और दूसरा आढ़तियों की हड़ताल ने उसकी परेशानी और बढ़ा दी है।
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इससे पहले, मंगलवार दोपहर तक मंडी में खरीद कार्य चला। अचानक दोपहर 12 बजे काफी संख्या में आढ़ती एकत्रित हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक आढ़तियों को समझाने पहुंचे, लेकिन आढ़तियों ने खरीद से मना कर दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता और आढ़तियों ने शाम को खरीद कर दोबारा से बैठक बुलाकर बुधवार से हड़ताल की घोषणा कर दी। आढ़तियों ने एक सुर में कहा है कि गेहूं खरीद की नई पालिसी से किसान और आढ़तियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में गेहूं खरीद प्रक्रिया सही नहीं चल सकती। आढ़तियों ने चेताया कि दूसरा सरकार किसानों के खाते में सीधे पेमेेंट की तैयारी में है, जबकि ये भी आढ़तियों के माध्यम से ही होनी चाहिए।
ये हैं आढ़तियों की मांगें
1. आढ़तियों की सरकार से मांग है कि एक आढ़ती के पास एक दिन में तीन या चार किसानों को आने दिया जाए।
2. अगर कोई किसान रजिस्टर्ड नहीं है तो मैनुअल गेट पास काटकर किसान का गेहूं मंडी में आने दिया जाए।
3. मार्केट कमेटी कार्यालय की ओर से दिए गए फार्म जिसमें किसानों के हस्ताक्षर करवाने हैं, उसको भी आढ़ती भरकर नहीं देंगे
64767 किसानों का हुआ रजिस्ट्रेशन
सरकार का कहना है कि जो किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर रजिस्टर्ड हैं। उन्हीं किसानों की फसल खरीदी जाएगी। ऐसे में जिले में 64767 किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है, जिन किसानों का इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उनकी फसल नहीं खरीदी जायेगा। इस कारण बड़ी संख्या में किसानों की समस्या बढ़ गई है।
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दो दिन में करीब सात लाख क्विंटल गेहूं की हुई खरीद
20 अप्रैल से जिले में 173 अनाज मंडी, सब यार्ड और परचेज सेंटरों पर गेहूं की खरीद शुरू हुई थी, जिसमें करीब तीन लाख क्विंटल गेहूं की खरीद पहले दिन की गई थी। दूसरे दिन करीब 4 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। ऐसे में इन 2 दिनों में करीब 7 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
उच्च अधिकारियों से दो दिन से चल रही बात, समाधान नहीं किया : चौधरी
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि ई- पोर्टल पर किसानों का नाम शो नहीं हो रहा है। ई-पोर्टल में अभी काफी खामियां हैं। इससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी हो रही है। हरियाणा सरकार के उच्च अधिकारियों से पिछले दो दिनों से इसके बारे में बात चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। जब तक आढ़तियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, आढ़ती हड़ताल पर रहेंगे।
मैसेज को लेकर उलझन में किसान
मार्किट कमेटी की ओर से किसानों को भेजे जाने वाले मैसेज को लेकर किसान उलझन में हैं। जिन किसानों के पास मैसेज पहुंच रहे हैं, उनके या तो गेहूं नहीं कटे हैं या फिर उनके पास मंडी में लाने के लिए वाहन नहीं हैं। किसान मोबाइल में मैसेज दिखाकर कंबाइन वालों के पीछे दौड़ रहे हैं और गेहूं कटवाई की मांग कर रहे हैं। किसान भववंत सिंह का कहना है कि उसके पास कल भी मैसेज आया था और वह अपनी फसल बेचकर आ गया, जबकि दोबारा से उसके पास वही मैसेज आ गया है। गांव घोघड़ीपुर के दीपक, कमालपुर के राजपाल ने कहा कि जिन किसानों ने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है, उनको मंडी में आने दिया जाए, अगर ऐसे खरीद चली तो लंबी हो जाएगी, क्योंकि फिलहाल मंडी खाली है और रोजाना 100 किसानों की बजाए 500 किसानों को मंडी में आने की छूट दी जाए।
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