करनाल। अनाज मंडी में धान की आवक तेज होने के साथ ही किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। मंडी में शेडों के नीचे धान की ढेरियां लगी हैं लेकिन सरकारी खरीद एजेंसी के खरीदार नजर नहीं आ रहे। अधिक नमी के कारण किसानों के धान की सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है। निजी राइस मिलर केवल बासमती किस्म का धान खरीद रहे हैं।
पीआर धान की खरीद नहीं होने से मंडी में ढेरियां लगी हैं लेकिन खरीद नहीं हो रही। सरकारी खरीद शुरू होने के बाद से शुक्रवार तक अनाज मंडी में अब तक 18,707.84 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 973.20 मीट्रिक टन धान की खरीद ही हुई है। कुल 1,63,300 मीट्रिक टन 1509 और 7,725 पीआर धान खरीदा गया है।
शुक्रवार को 1509 धान के 120 और पीआर के 142 गेटपास काटे गए। मंडी में पहुंच रहे धान की नमी मापक यंत्र में 25 से 26 प्रतिशत तक आ रही है। सरकारी खरीद के लिए निर्धारित नमी सीमा से अधिक होने के कारण एजेंसी धान खरीदने से इन्कार कर रही है। किसानों को धान सुखाकर दोबारा लाने के लिए कहा जा रहा है। उठान नहीं होने के चलते शेडों में तौलाई के बाद धान की बोरियों के ढेर लगे हुए हैं।
तीन दिन से खरीद का इंतजार
किसान सोमवीर ने बताया कि उसकी धान की ढेरी पिछले तीन दिन से मंडी में पड़ी है। नमी अधिक बताकर सरकारी एजेंसी ने खरीद करने से मना कर दिया। उसे मंडी में ही बैठकर फसल की रखवाली करनी पड़ रही है।
नमी और सफाई पर विवाद
किसानों और खरीद एजेंसियों के बीच नमी और सफाई के मानकों को लेकर विवाद हो रहा है। आढ़तियों और किसानों का आरोप है कि तय नमी (17%) से कम नमी होने के बावजूद अधिकारी खरीद में आनाकानी कर रहे हैं। साथ ही पंखे या अतिरिक्त सफाई की मांग कर रहे हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
शेडों के पास खड़े रहे ट्रक
डीसी ने मंडी में शेडों के पास ट्रक या अन्य वाहन न खड़े करने के आदेश जारी किए गए थे। आदेशों को दरकिनार कर शेडों के पास बड़ी संख्या में ट्रक व ट्राॅले खड़े रहे। इस कारण किसानों को मंडी में ट्रैक्टर-ट्राॅली में धान लेकर आने में परेशानी हो रही है।
धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण खरीद प्रभावित हो रही है। किसानों को मंडी में ही धान सुखाने के लिए कहा गया है। धान सूखने के बाद एमएसपी पर धान की खरीद की जाएगी। उठान का कार्य तेजी के साथ किया जाएगा और बारदाने की कमी भी नहीं आने दी जाएगी। -सुनील ढुल, मंडी सुपरवाइजर