करनाल जिले के बल्ला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद इलाके के ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से किस कदर महरूम हैं इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि डिलीवरी हट में एक महिला को मोबाइल लाइट से प्रसव करवाना पड़ा। स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद सेवाओं से खफा पंचायत ने मामला ग्राम सभा में उठाने का निर्णय लिया है। इस बाबत सीएम को भी पत्र प्रेषित किया जाएगा।
ग्रामीणों के मुताबिक बिजली निगम की ओर से ग्रामीणों को शाम के सात बजे से लेकर सुबह छह बजे तक बिजली उपलब्ध करवाने का शेडयूल है। इसमें भी बिजली की आंख मिचौनी जारी रहती है। रात के एक बजे से लेकर सुबह चार बजे तक बिजली कट भी लगाया जा रहा है। सुबह छह बजे से लेकर शाम के सात बजे तक बिजली सप्लाई न करने के आदेश जारी हैं। ऐसे में बिजली की सप्लाई के लिए स्थापित इंवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। बिजली का शेडयूल ग्रामीणों पर भारी पड़ रहा है।
गुरुवार अल सुबह महिला रेणू को प्रसव पीड़ा होने के चलते उसके परिजन उसको लेकर बल्ला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गए। महिला के परिजनों के मुताबिक ड्यूटी पर मौजूद जीएनएम राजबाला ने लाइट की गैर मौजूदगी में प्रसव की तैयारियां शुरू की, लेकिन डिलीवरी हट पर मौजूद इंवर्टर जवाब दे गया। मामले की नाजुकता को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मी ने अन्य सहकर्मी गीता को मौके पर बुलाया। लाइट की समस्या से निजात पाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला के परिजनों की मदद से मोबाइल की सहायता से काफी मशक्कत के बाद डिलीवरी कराई।
महिला ने बेटी को जन्म दिया है लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले को सरपंच दिलावर सिंह मान के प्रकाश में लाया गया। मोबाइल लाइट में प्रसव के मामले में केंद्र पर कार्यरत फार्मासिस्ट राहुल कुमार का कहना है कि डिलीवरी हट पर दो बैटरी का इंवर्टर लगाया गया है लेकिन बिजली की सप्लाई लगातार बाधित होने के कारण इंवर्टर जवाब दे गया था। इसके चलते मजबूरी में मोबाइल लाइट का सहारा लेना पड़ा। इस बाबत सरपंच दिलावर सिंह मान का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है एवं बिजली के नए शेड्यूल को लेकर उन्होंने निगम के एसडीओ से भी बातचीत की है। जिसमें उन्होंने बिजली समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है।