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करनाल की नई अनाज मंडी हुई ऑनलाइन, किसानों को मिलेगा लाभ

Fri, 15 Apr 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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नई अनाज मंडी ऑनलाइन - फोटो : अमर उजाला
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देश के किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने और पूरे देश की मंडियों को एक दूसरे के साथ जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रथम चरण में देश की 25 मंडियों को ऑनलाइन कर दिया है। इसमें प्रदेश की भी दो मंडियां शामिल हैं। जिसमें करनाल की नई अनाजमंडी व ऐलनाबाद की मंडी को शामिल किया गया है। इन मंडियों में किसान अब अपनी उपज को देश की किसी भी मंडी में ऑनलाइन बेच सकते हैं तथा व्यापारी वहां की मंडियों का माल खरीद सकते हैं। सरकार राष्ट्रीय कृषि बाजार के नाम से योजना की शुरुआत कर दी है।
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वीरवार को नई अनाजमंडी में इस योजना का शुभारंभ करते प्रदेश के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार राज्य के किसानों व व्यापारियों के लिए देशव्यापी बाजार खुलेगा। ई. प्लेटफार्म व्यवस्था से प्रदेश का किसान अपनी फसल को देश के किसी भी कोने में बेचकर लाभ अर्जित कर सकेगा व व्यापारी कहीं से भी खरीद कर सकेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125 वीं जयंती पर देश की 25 मंडियों को आपस में जोड़ने की एक नई शुरुआत की गई है। जो कि कृषि अवधारणा में पूर्णतया बदलाव लाएगी। यह एक क्रांतिकारी कदम है। किसानों के साथ.साथ व्यापारी भी उपज को किसी भी हिस्से से खरीद सकेगा। इन मंडियों के माध्यम से किसान 25 उत्पाद ऑनलाइन बेच सकेंगे। देश की 585 मंडियों में से हरियाणा प्रदेश की 54 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।   
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यह होगा लाभ
कृषि मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से प्रदेश के साथ.साथ पूरे देश का जुड़ाव होगा और बाद में अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव भी हो जाएगा। प्रदेश का किसान अपनी फसल को उन इलाकों में अच्छे दामों पर बेच सकेगा, जिन इलाकों में वह फसल नहीं होती। उदाहरण के तौर पर करनाल क्षेत्र बासमती चावल के लिए विख्यात है। राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुडऩे के बाद यहां के किसानों को देश के अन्य हिस्सों से उनके फसल के बेहतर दाम मिलेंगे। इस ऑनलाईन व्यवस्था के तहत किसान की फसल की लैब टेस्टिंग होगी तथा निश्चित समय पर बोली की जाएगी। बोली करने उपरांत किसान को एसएमएस के माध्यम से उसके दाम की जानकारी दी जाएगी। किसान की सहमती के बाद उसकी फसल को बेच दिया जाएगा।

बिचौलियों पर लगाम लगेगी
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से बिचौलियों पर लगाम लगेगी तथा पूरी व्यवस्था पारदर्शी होगी। प्रदेश के व्यापारियों के लिए लाइसेंस बनाये जाएंगे, जिससे वह प्रदेश के साथ.साथ देश की किसी भी ऑनलाईन मंडी से खरीद कर सकेगा। धनखड़ ने कहा कि प्रदेश के किसानों के हितों के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए है। किसानों के मुआवजे की रकम को 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये की गई है। अगले वर्ष से फसलों का बीमा किया जा रहा है,जितना नुकसान किसान का होगा,उसे उतने ही पैसे मिलेंगे। नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता, किसान राजबीर तथा अशोक ने तिरंगे गुब्बारे छोड़कर ऑनलाईन मार्केट की व्यवस्था का स्वागत किया। इस मौके पर हरियाणा मंडी बोर्ड की अध्यक्ष कृष्णा गहलावत, हैफेड़ चेयरमैन व घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण, नीलोखेड़ी विधायक भगवानदास कबीरपंथी, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता,मंडी बोर्ड के मुख्य प्रशासक अनिल मलिक , जिला उपायुक्त डा. जेगणेशन, एसडीएम योगेश कुमार आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रीय कृषि बाजार से किसानों को होगा यह लाभ
राष्ट्रीय कृषि बाजार का लाभ केवल किसानों को ही नहीं व्यापारियों व आम उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। इससे किसानों को जहां उनकी उपज के उचित दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं दूसरी ओर एक राज्य के उत्पाद को दूसरे राज्य तक ले जाने में मध्यस्तों की भूमिका कम होगी। इससे जहां कालाबाजारी भी कम होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थिर दाम पर कृषि उपज उपलब्ध होगी।

इससे खरीद में टूट फू ट तथा उत्पाद खराब होने का जोखिम भी कम होगा। इस योजना से व्यापार में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। आढ़तियों के लिए पूरे में प्रदेश में एक लाइसेंस की व्यवस्था होगी। कृषि उपज की गुणवत्ता परख के लिए भी हर मंडी में सुविधा होगी। केवल पहली थोक खरीद पर ही मंडी फीस लगेगी। भुगतान और डिलीवरी की गारंटी होगी। किसान व व्यापारियों की पूरे देश की मंडियों तक पहुंच होगी। कुशल सप्लाई चेन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
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