घरौंडा में लगभग 22 दिन पूर्व एक स्कूली छात्रा का अपहरण करने के बाद दुराचार के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर आर्य समाज के लोगों मेें पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
लोगों ने मंगलवार को ग्रामीणों के साथ शहर में प्रदर्शन करते हुए पुलिस स्टेशन विरोध जताया। ग्रामीणों ने पुलिस पर ढीली कार्रवाई का आरोप लगाते हुए आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की।
डीएसपी राजकुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए कहा कि आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पूरी कोशिश कर रही है। शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग नई अनाज मंडी में एकत्रित हुए। इसके बाद नई अनाज मंडी रोड, विश्वकर्मा चौक, रेलवे रोड, सर्विस लेन से प्रदर्शन करते हुए लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे।
लोगों ने कहा कि 22 दिन हो गए पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। पुलिस बार-बार आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दे रही है।
लोगों ने पुलिस को चेतावनी दी कि पुलिस ने शीघ्र आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो पूरे प्रदेश के आर्य समाज के लोगों को बुलावा दिया जाएगा और रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। पुलिस की जिन पहलुओं पर जांच चल रही है इस बारे में पुलिस ने ग्रामीणों को बारीकी से बताया।
डीएसपी राजकुमार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि पुलिस मामले में पूरी तरह से जांच में जुटी है। उन्होंने बताया कि सोमवार को घरौंडा के आसपास के दूसरे शहरों के टैक्सी चालकों की एक बैठक बुलाई थी और मामले में सहयोग करने को कहा है। उन्होंने कहा कि मामले का खुलासा किया जाएगा लेकिन इसके लिए समय निर्धारित नहीं किया जा सकता।
यह है मामला
27 मई को एक वाहन चालक ने स्कूल के छुट्टी के बाद आठ साल बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुराचार किया था। दुराचार के बाद छात्रा को मूनक नहर के पास फेंक दिया था।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया लेकिन आरोपी अभी तक पकड़ से बाहर है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। फिलहाल पुलिस की ओर से अभी भी आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
तालाशी अभियान न चलाने पर भड़के लोग, करनाल-काछवा रोड पर लगाया जाम
करनाल में भाखड़ा नहर में परिवार के दो युवक डूब गए। प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा और तलाश के लिए गोताखोर नहीं भेजे। इसके अलावा नहर में पानी भी कम नहीं कराया गया।
इसके विरोध में ग्रामीणों ने गांव पूंडरक के समीप भाखड़ा नहर पर जाम लगा दिया। पौने घंटे तक लगे जाम में वाहनों लंबी कतार लग गई।
विरोध देखकर गहरी नींद से जागे प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए। जाम खुलवाने के लिए तहसीलदार हरिओम अत्री और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
अधिकारियों ने चार पांच गोताखोर बुलवाकर शवों की तलाश में लगाया। इसके बाद पीड़ितों ने जाम खोल दिया। दोपहर 11 बजे लगाए जाम को पौने 12 बजे खोला गया।
गोताखोरों ने अशोक का शव बरामद कर लिया है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
गांव पूंडरक का अशोक कुमार (40) सोमवार को भाखड़ा नहर में पांव फिसलने से वह नहर में गिर गया था और डूबने से उसकी मौत हो गई।
विरोध जता रहे सुशील, राजबीर, कर्मबीर, रणधीर सिंह, सत्यनारायण, राजेंद्र, नीरज कुमार ने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले के गांव कमोदा में अशोक की बुआ है और उसकी बुआ का लड़का बलदेव सिंह (35) 15 जून को वहां पर भाखड़ा नहर में डूब गया था। उसका शव अभी तक नहीं मिला है।
सोमवार को गांव पूंडरक के नजदीक भाखड़ा नहर पर उसका शव तलाशने के लिए उनके रिश्तेदार पहरा दे रहे थे। अशोक खाना लेकर आया था।
वापस जाने लगा तो वह भी नहर में डूब गया। मंगलवार को गोताखोर नहीं आए और नहर का पानी भी कम नहीं हुआ। प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलती देख उन्हाेंने जाम लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सहित अन्य अधिकारियाें को फोन पर कई बार सहयोग के लिए अपील की लेकिन प्रशासन ने लापरवाही बरती। जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से अशोक का शव करीब 20 मिनट में ढूंढ निकाला।