वसंत बिहार कॉलोनी के बाशिंदे आए तो थे लघु सचिवालय में अपने दिक्कतों के
समाधान के लिए, लेकिन वहां उनकी नुमाइंदगी करने वालों की हरकत देखकर दंग रह
गए।
सचिवालय पहुुंचे लोगों के नेतृत्व के नाम पर ही नेता आपस में भिड़ गए।
इंद्री के पूर्व विधायक राकेश कांबोज और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव रंगीला
मेें जमकर झड़प हुई। खूब तमाशा हुआ और तनाव हो गया। शिकायत लेकर पहुंचे
लोगों के सामने ही दोनों नेताओं में कहासुनी हुई।
लोगों ने बीच बचाव कर
उन्हें अलग किया। वसंत विहार के निवासी सैकड़ों की संख्या में
समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर आए। सोमवार सुबह करीब ग्यारह बजे वसंत
विहार कॉलोनी के लोगों ने पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह की अध्यक्षता
में शहर में रोष मार्च निकाला।
रोष मार्च वसंत बिहार कॉलोनी से शुरू होकर
आईटीआई चौक व मॉडल टाउन से होता हुआ जिला सचिवालय पहुंचा। प्रदेश सरकार के
खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पार्षद राकेश कुमार ने बताया कि वसंत विहार
कॉलोनी 1982 में शहर में काटी गई, जो शहर की सबसे पुरानी कॉलोनी है।
यह
कॉलोनी मूलभूत सुविधाएं लेने के लिए सभी शर्त पूरी करती है, लेकिन फिर भी
इसमें कच्ची गलियां, न सीवरेज, न पानी व न ही निकासी की सुविधा है। दरड़ के
सरपंच सोमनाथ व टपराना के सरपंच अवतार ने बताया कि जीटी रोड से टपराना
जाने वाली सड़क की खस्ताहालात हैं। पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढेे बने हैं।
हर रोज कोई न कोई व्यक्ति यहां पर चोटिल हो रहा है। करीब डेढ़ महीने से
टेंडर पास होने के बाद भी इस सड़क पर निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं किया
गया है।
और डीसी के सामने ही भिड़े गए
जैसे ही लोगों ने अपनी
समस्याओं का ज्ञापन डीसी बलराज सिंह को दिया, वहां मौजूद पूर्व विधायक
राकेश कांबोज और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव रंगीला में सड़क निर्माण की मांग
को लेकर बहस हो गई। धीरे-धीरे बहस हाथापाई में बदल गई। मौके को देखते हुए
पुलिस पहुंच गई और लोगों को वहां से हटाया।
सुअरों ने किया लोगों की नाक में दम
सुरेश
सैनी, पालाराम वाल्मीकि, मोहकम, हुक्म सिंह, भूषण, देशराज, केयर सिंह,
जयपाल राणा, बलराम, विकास, कमला देवी, सरबती, बिमला, आनंद वर्मा, मीनू,
महेंद्र, विक्रम, राकेश शर्मा ने बताया कि वसंत विहार कॉलोनी में सुअरों ने
लोगों की नाक में दम कर रखा है। यहां पर एक मीट दुकान है और उन्होंने
सैकड़ों सुअराें को छोड़ा हुआ है। पार्षद राकेश कुमार ने बताया कि इसे
हटाने का जिम्मा डीएपी जोगिंद्र राठी ने लिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई
नहीं गई। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं
किया तो 23 जुलाई को डीसी निवास पर अनिश्चित धरने पर बैठेंगे।