स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक ‘दीया और बाती हम’ में संध्या राठी का मुख्य किरदार निभा रही दीपिका सिंह का मानना है कि मध्यम वर्ग में लड़कियों की स्थिति कुछ खास सुधरी नहीं है।
आज भी लड़कियां आजाद नहीं हैं। उन्हें अपने सपनों के साथ जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘इसमें समाज के साथ-साथ हम लड़कियों की भी कमी होती है। हम खुद अपने सपनों को नजरअंदाज करते हैं।’
दीपिका सिंह करनाल के ज्वेल्स होटल में मीडिया से रू-ब-रू हुईं। इनमें कृष फिल्म फेम अदाकारा माननी मिश्रा भी शामिल रहीं। बता दें कि ‘दीया और बाती हम’ धारावाहिक की टीम एक महीने से करनाल के नेवल कमांडो कांप्लेक्स में शूटिंग कर रही है।
दीपिका सिंह का कहना है कि आज भी महिलाओं को पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनके धारावाहिक में इसी वर्जना को दर्शाया गया है, जहां मध्यम वर्गीय परिवार की एक लड़की शादी नहीं करना चाहती।
उसे सामाजिक ताने-बाने का शिकार होेकर न सिर्फ शादी करनी पड़ती है, बल्कि अपने सपनों की तिलांजलि भी देनी पड़ती है। लेकिन पति का साथ मिलने के बाद वह फिर से आईपीएस बनने के अपने सपने को जीना शुरू करती है।
उन्होंने कहा कि अभिभावक भी अपनी बेटियों को बेटों के मुकाबले अपेक्षाकृत माहौल नहीं दे पाते हैं। यही कारण है कि लड़कियां कंपीटिटिव नहीं हो पाती हैं।
संवेनाओं को समझना जरूरी
‘दीया और बाती हम’ में कड़क आईपीएस आफिसर अग्रिमा सिंह का किरदार निभाने वाली अदाकारा माननी मिश्रा ने हरियाणा में खाप तंत्र पर कहा कि हमें समाज के संवेदनशील मुद्दों को समझने की जरूरत है।
बातें सभी करते हैं, लेकिन अपने घर के माहौल को बदलना कोई नहीं चाहता। लड़कियों को दबाव की नहीं बल्कि उत्साहवर्द्धन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छोटे कस्बे की लड़की के भी ख्वाब होते हैं, जिन्हें पूरा करने का उसे मौका और माहौल नहीं मिल पाता। यह धारावाहिक इसी विषयवस्तु को लेकर चल रहा है।
इतिहास रचने का दावा
धारावाहिक ‘दीया और बाती हम’ के निर्देशक रोहित राज गोयल ने दावा कि यह धारावाहिक 6.4 टीआरपी के साथ नंबर वन पर है। इसने टेलीविजन के इतिहास में सबसे ज्यादा टीआरपी हासिल की है और साढ़े 23 मिलियंस दर्शकों ने इसे अब तक देखा है।
रोहित ने बताया कि कम से कम दो साल तक और यह धारावाहिक चलता रहेगा। इतनी सामग्री उनके पास मौजूद है। इसके 640 एपिसोड अभी तक हो चुके हैं। रोहित ने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था लचर है।
हमारे युवाओं को ग्रेजुएशन के बाद भी बात करने में संकोच रहता है। यदि हमें पिछड़ेपन को खत्म करना है तो शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना होगा। इस मौके पर कलाकार कीथ स्कवारा, चारू असोबा, एलेन कपूर भी मौजूद रहे।