हरियाणा मेडिकल एजुकेशन विभाग की प्रधान सचिव धीरा खंडेलवाल ने दावा किया
कि 646 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा अत्याधुनिक कल्पना चावला राजकीय
मेडिकल कॉलेज निर्धारित अवधि में बनकर तैयार होगा।
वीरवार को वे विभिन्न
विभागों के अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति की
समीक्षा करने पहुंचीं थीं। साइट का निरीक्षण करके उन्होंने कहा कि कॉलेज का
निर्माण तेजी से चल रहा है और यह अपनी निर्धारित अवधि में पूरा हो जाएगा,
जबकि जमीनी हकीकत है कि आठ महीने में महज छह प्रतिशत निर्माण ही हो सका है।
एक कंपनी ने चार महीने काम बंद रखा। ऐसे में समय सीमा में काम पूरा होना
संभव ही नहीं है। अस्पताल का निर्माण कार्य नवंबर 2013 में शुरू हुआ और 25
माह की अवधि में यह पूरा होना है। इसमें से आठ माह निकल चुके हैं और महज छह
प्रतिशत काम हुआ है। बचे 17 महीनों में बाकी का काम करीब 94 प्रतिशत काम
इस गति से पूरा होना संभव नहीं, जो दावा किया जा रहा है।
खुद कॉलेज प्रशासन
का कहना है कि अभी तक 40 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान हुआ है, जबकि कुल
646 करोड़ का प्रोजेक्ट है। लिहाजा महज छह प्रतिशत ही प्रगति है। प्रधान
सचिव धीरा खंडेलवाल ने कहा कि करनाल में मेडिकल कॉलेज का बनना प्रदेश की
प्रतिष्ठित योजनाओं में से एक है और इसके बन जाने से करनाल के साथ-साथ
आसपास के जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज का
निर्माण हॉस्पिटल सर्विसिज कंसलटेंसी कार्पोरेशन ऑफ इंडिया प्राइवेट
लिमिटेड (एचएससीसी) द्वारा, 48.5 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है, जबकि
मेडिकल काउंसिल के नियमों के अनुसार किसी भी मेडिकल कॉलेज के लिए 28.5 एकड़
भूखंड की उपलब्धता अनिवार्य है।
पहले चरण में 200 करोड़ के काम
धीरा
खंडेलवाल का कहना है कि निर्माण के पहले चरण में करीब 200 करोड़ रुपये की
धनराशि खर्च की जा रही है। इस राशि से कॉलेज का शिक्षण विभाग, पुस्तकालय,
गर्ल्स हॉस्टल तथा एमबीबीएस के प्रोफेसरों के आवास बनाए जा रहे हैं।
निर्माण का सारा कार्य ले-आउट प्लान तथा सभी सुविधाओं को ध्यान में रखकर
किया जा रहा है।
तेजी के लिए ही तो आई
खंडेलवाल ने कहा कि करनाल
में आकर अधिकारियों के साथ बैठक करने का उनका मकसद निर्माणाधीन कॉलेज के
कार्य में तेजी लाना है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ
विस्तार से बात कर निर्देश दिए हैं कि तुरंत मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य
में तेजी लाए यदि कोई कंपनी दिक्कत करती है, उसके खिलाफ कार्रवाई करें
ताकि निर्माण कार्य रिकार्ड समय में पूरा हो। उन्होंने बताया कि पुराने
अस्पताल भवन का काफी हिस्सा डिस्मेंटल हो चुका है और पुराने भवनों को
गिराया जा रहा है। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस लाइन को पहले
ही करनाल-कैथल रोड पर स्थानांतरित किया जा चुका है, जहां नई पुलिस लाइन का
निर्माण युद्ध स्तर पर है। उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के सामने
से गुजर रही सड़क को 10 फीट अंदर लेकर इसे चौड़ा किया जाएगा ताकि यातायात
के आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न रहे।
बनेंगे तीन प्रवेश द्वार
मेडिकल
कॉलेज के प्रवेश द्वार पुरानी जेल साइड, पुरानी पुलिस लाइन साइड तथा
सामान्य अस्पताल के प्रवेश पर बनाए जाएंगे। अस्पताल में आने वाले
व्यक्तियों की सुविधा के लिए छोटे गेट भी बनाए जा सकते हैं। मेडिकल कॉलेज 6
मंजिला होगा, रिहायशी क्वार्टर 9 मंजिलें तथा कॉलेज के अंदर अस्पताल 4
मंजिला बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला स्तर का सामान्य अस्पताल
सेक्टर-32 में बनाया जाना प्रस्तावित है और यह 12 एकड़ में बनेगा। मेडिकल
कॉलेज का पहला चरण पूरा हो जाने के बाद तथा कॉलेज भवन में 500 बेडिड का
अस्पताल, टीचिंग डिपार्टमेंट तथा लेक्चरर रूम बन जाने के बाद, मेडिकल
काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम यहां आकर निरीक्षण करेगी।
पुलिस लाइन निर्माण का भी निरीक्षण
प्रधान
सचिव धीरा खंडेलवाल ने अधिकारियों से मीटिंग के बाद नई पुलिस लाइन के
निर्माण कार्य तथा मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया और
अब तक हुए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उनके साथ कॉलेज के डायरेक्टर डा.
सुरेंद्र कश्यप, मुख्यालय चंडीगढ़ से डा. मालति, सिविल सर्जन डा. वंदना
भाटिया, उप चिकित्सा अधीक्षक डा. पीयुष शर्मा, एचएससीसी कंपनी से दयानन्द व
मैनेजर पीके जैन भी उपस्थित थे।