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मेडिकल कालेज को अलॉट हो चुकी नई मशीन, लेकिन पहुंची आज तक नहीं, कब खत्म होगा इंतजार

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कल्पना चावला मेडिकल कालेज के लिए नई आरटी-पीसीआर (रियल टाइम-पॉलिमरेज चैन रियेक्शन ) मशीन अलॉट हो चुकी है, लेकिन आज तक कालेज नहीं पहुंची। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि यह मशीन किसी दूसरे जिले या फिर मेडिकल कालेज को देने की तैयारी है। ऐसा हुआ तो करनाल में कोरोना टेस्ट की स्पीड कम हो सकती है, क्योंकि इस समय कालेज में एनडीआरआई की पुरानी मशीन से टेस्ट किये जा रहे हैं। ये मशीन पुरानी है और मेनुअल काम करना पड़ता है, जिससे रिपोर्ट आने में कई घंटे लगते हैं। नई मशीन आती है तो वह ऑटोमेटिक होगी जिससे रिपोर्ट आने में समय बच सकता है।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण आसपास में ही टेस्ट की सुविधा मिले इसके लिए केंद्र सरकार ने करनाल मेडिकल कालेज में लैब खोलने का फैसला लिया था। इससे पहले यहां से सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजे जाते थे, जहां से सप्ताह तक में रिपोर्ट मिलती थी। बाद में दिल्ली और फिर खानपुर मेडिकल कालेज भेजने से यहां रिपोर्ट आने में तीन-तीन दिन लगते थे। ऐसे में 9 अप्रैल को एनडीआरआई में रखी कई साल पुरानी मशीन को कालेज ने उधार में ली और रिपेयर करके चालू किया। पहले ट्रायल के तौर पर चेक किया, रिपोर्ट सही होने के बाद चालू किया गया। हालांकि अभी लैब सही काम कर रही है और प्रतिदिन यहां 300 सैंपल चेक हो जाते हैं। लैब को तीन शिफ्टों से 24 घंटे चलाया जा रहा है। हालांकि मार्च में ही नई मशीन के लिए आर्डर दिये जा चुके थे। अब एक मशीन कालेज को अलॉट भी हो चुकी है। सूत्रों का दावा है कि पहले लॉकडाउन के चलते मशीनें बाहर से नहीं पहुंच पाई थी, लेकिन अब मशीनें आ चुकी हैं और एक मशीन दूसरे जिले को देने की तैयारी है। ऐसा हुआ तो करनाल में टेस्ट की स्पीड कम हो सकती है, जबकि यहां लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
करनाल में इसलिए जरूरी है नई मशीन
करनाल में नई आरटी-पीसीआर मशीन की जरूरत इसलिए है, क्योंकि एक तो यहां लगातार कोरोना के केसों की संख्या बढ़ रही है। दूसरा करनाल के साथ-साथ कैथल, कुरुक्षेत्र को भी इसी लैब से जोड़ा है। इन जिलों के टेस्ट भी यहीं हो रहे हैं। रोजाना टेस्ट के लिए इमरजेंसी के बाहर लाइनें लग रही हैं। अगर दूसरी नई मशीन आ गई तो टेस्ट जल्दी हो सकेंगे और मशीन का आसपास के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
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उपायुक्त का दावा-कुछ दिनों में आयेगी नई मशीन
उपायुक्त निशांत यादव का दावा है कि मशीन को किसी दूसरे जिले को नहीं भेजा रहा है। कल्पना चावला मेडिकल कालेज के लिए मशीन अलॉट हो चुकी है। उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में मशीन पहुंच जाएगी।
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