आखिरकार पांच माह बाद कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज को 150 बेड का कोविड अस्पताल घोषित कर दिया गया है। सरकार की ओर से इसके लिए पत्र जारी कर दिया गया है। अब करनाल समेत आसपास के कोरोना के गंभीर मरीजों को यहीं पर दाखिल किया जाएगा। पत्र मिलते ही कालेज प्रबंधन ने तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। विदित हो कि ये कार्य कोरोना की शुरुआत में ही किया जाना था।
मार्च माह में कोरोना के केस आने शुरू हुए थे। सबसे पहले इन मरीजों को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में ही दाखिल किया जाता था, लेकिन कोविड अस्पताल घोषित नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को शाहाबाद स्थित आदेश अस्पताल भेजा जाता था। उस समय भी जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कालेज को कोविड अस्पताल बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद आदेश अस्पताल द्वारा एक मरीज को ठीक करने का बिल 78 हजार रुपये भेज दिया गया। इस पर सरकार की ओर से इसे बदलकर मुलाना का एमएम मेडिकल कालेज कोरोना के लिए तय किया गया। करनाल समेत अन्य जिलों से भी यहां पर कोरोना के मरीजों को भेजा जाने लगा। यहां पर प्रति मरीज प्रति दिन के हिसाब से 1800 रुपये देना तय किया गया, लेकिन दस दिन पहले एमएम मेडिकल कालेज मुलाना की ओर से करनाल के सीएमओ को पत्र लिखकर नये मरीज भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिये गये। साथ ही बेड नहीं होने का हवाला दिया गया। सप्ताह पहले ही डीसी निशांत कुमार यादव ने इसके लिए सरकार को पत्र लिख दिया था। अब आधिकारिक तौर पर कल्पना चावला मेडिकल कालेज कोविड अस्पताल घोषित हो गया है। इसको लेकर कोविड-19 के नोडल अधिकारी डा. अभिनव डागर ने अपने साथ के अन्य अधिकारियों के साथ मंथन किया। इनमें आईसीयू के इंचार्ज डा. आदित्य चौधरी व डा. लुकवेंद्र सिंह शामिल रहे। बैठक के दौरान कालेज की तैयारियों समेत आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने दावा किया कि वे पूरी तरह से तैयार हैं।
हमारे पास पुख्ता प्रबंध : डा. डागर
सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया गया है। इसके तहत 150 बेड कोविड के लिए तय किये गए हैं। कालेज में पहले से पुख्ता प्रबंध किये गए हैं। कोरोना के भर्ती मरीजों में सुधार हो रहा है। इस समय कालेज में कोरोना के 50 और 50 संदिग्ध मरीज दाखिल हैं।
-डा. अभिनव डागर, कोविड-19 के नोडल आफिसर