केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय से सीएमआर के अवशेष चावल की आपूर्ति के लिए 31 अगस्त तक का समय मिल जाने के दूसरे दिन करनाल सहित पानीपत, अंबाला, पंचकुला और यमुनानगर में भी राइस मिलर्स ने आपूर्ति शुरू कर दी है। हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन की मांग को गंभीरता से लेते हुए भारतीय खाद्य निगम ने दो और तीन अगस्त को अवकाश के दिनों में भी चावल की आपूर्ति लेना जारी रखने का फैसला लिया है, ताकि राइस मिलर्स को दिक्कत न हो। करनाल सहित एफसीआई करनाल क्षेत्र में आने वाले सभी पांच जिलों में 18.28 लाख क्विंटल चावल शेष है।
भारतीय खाद्य निगम के आंकड़ों के मुताबिक डीएफएससी, हैफेड, एफसीआई, एग्रो, स्टेट वेयर हाउस आदि एजेंसियों के माध्यम से करनाल, पानीपत, अंबाला, पंचकुला, यमुनानगर के करीब सात सौ राइस मिलों को 3461122 मीट्रिक टन धान दिया गया था, जिसके बदले इन राइस मिलों को 2318952 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति एफसीआई को करनी थी लेकिन 15 जुलाई तक 2136107 मीट्रिक टन चावल ही आपूर्ति किया जा सका। इन राइस मिलों पर अभी तक 182845 मीट्रिक टन चावल बकाया है। इस चावल की आपूर्ति करने के लिए केंद्र सरकार ने राइस मिलों को 31 अगस्त-2020 तक का समय दिया है। निर्धारित अवधि का पहला दिन तो बारिश में चला गया, जिसमें आपूर्ति नहीं हो सकी लेकिन शुक्रवार से पांचों जिलों में चावल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। एफसीआई महाप्रबंधक एवी सदानंदे ने बताया कि शुक्रवार से चावल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। राइस मिलर्स की मांग को देखते हुए अवकाश के समय में भी चावल की आपूर्ति लेना जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। दो और तीन अगस्त के अवकाश में चावल आपूर्ति लेने की स्वीकृति विभाग ने दे दी है। आगे के अन्य अवकाश में भी यह प्रयास किया जाएगा, ताकि राइस मिलर्स तय समय में अवशेष चावल की आपूर्ति कर सकें।