घर से बाहर निकलते समय अब मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधीश निशांत कुमार यादव ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 34 के तहत शनिवार को उक्त आशय का आदेश जारी किया है।
आदेशानुसार प्रत्येक व्यक्ति करनाल जिला की परिधि में सार्वजनिक स्थान पर बिना मास्क लगाए नहीं जा सकेगा। आदेश में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोविड-19 को सर्वव्यापी महामारी घोषित किया गया है। भारत सरकार और हरियाणा सरकार की ओर से कोविड-19 की रोकथाम तथा इसके फैलाव को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत विभिन्न निर्देश जारी किए गए हैं। देखने में आया है कि करनाल में कोरोना वायरस के संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं और इससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में दूसरे लोगों के आने से यह और अधिक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हो सकते हैं, जिनमें इसके लक्षण दिखाई न दें और ऐसे में वह इसे जाने बिना दूसरों में संक्रमण को फैला सकते हैं। इसे देखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों की अवहेलना करने पर अधिनियम की धारा-269, 270 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश 12 अप्रैल को प्रात नौ बजे से लागू होकर आगामी आदेशों तक प्रभावी होगा।
सभी सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एकत्रित होना वर्जित
कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन उपायों के चलते जिले में किसी भी धार्मिक मंडली, समूह तथा सभी सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों में एकत्रित होना वर्जित रहेगा। जिलाधीश ने इस संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि चालू मास अप्रैल में आने वाले त्योहारों के दृष्टिगत लॉकडाउन उपायों को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत कोई भी सामाजिक, धार्मिक कार्यक्रम या जुलूस को इजाजत नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी कोई आपत्तिजनक सामग्री का प्रसार नहीं करेगा।