माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले को कुपोषण मुक्त करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए अभिभावकों को अधिक से अधिक पौष्टिक आहार के बारे में जागरूक करें, ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं हो। ऐसे गांव पर विशेष नजर रखें, जहां पर कोई बच्चा कमजोर पाया जाता है। ऐसे स्थानों पर आंगनबाड़ी वर्करों के जरिये आमजन को जागरूक किया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार मेहता ने बुधवार को गंभीर कुपोषित(एसएएम) और मध्यम कुपोषित(एमएएम) बच्चों के पोषण स्तर की समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और सदस्यों को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में गंभीर कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का डाटा अपडेट किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी राजबाला मोर, सीडीपीओ इंद्री मीना रतन, सीडीपीओ घरौंडा संतोष, सीडीपीओ निसिंग संतोष, जिला समन्वयक अंजू बूरा सहित संबंधित सुपरवाइजर मौजूद रहे। ब्यूरो