- स्नान का पुण्य काल 03 बजकर 32 मिनट पर होगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को
मनाई जाएगी। इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री के बताया कि माघ का महीना दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ होता है। इसे माघी पूर्णिमा भी कहते हैं, इस दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। माघ मास की पूर्णिमा पर भाग्य और आर्थिक पक्ष को मजबूत करने का शुभ अवसर है।
शास्त्री ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 11 फरवरी 2025 को शाम 6 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी और 12 फरवरी 2025 को शाम 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी, ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को मनाई जाएगी।
माघ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर तिल, गुड, अनाज, घी, फल व गर्म कपड़े का दान करना चाहिए। स्नान का पुण्य काल 03 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और मंदाकिनी और नक्षत्र अनुसार गोरा नामक नक्षत्र राजनेताओं के लिए लाभप्रद रहेगा। इस दिन श्री गुरु रविदास जयंती भी मनाई जाएगी।
144 साल बाद बन रहा शुभ संयोग
पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि इस साल माघ महीने की पूर्णिमा तिथि 12 फरवरी को है। इस माघ पूर्णिमा के दिन 144 साल बाद शुभ संयोग बन रहा है, क्योंकि इस दिन महाकुंभ का चौथा शाही स्नान होगा। इस दिन स्नान और दान का बहुत खास महत्व है, साथ ही इस दिन सत्य नारायण की कथा करवानी और सुनने का भी विधान है। अगर कोई व्यक्ति पूरे माघ महीने गंगा स्नान नहीं कर सका हो, तो माघ महीने की पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान अवश्य करनी चाहिए, इससे जीवन में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।
माघ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 19 मिनट से 06 बजकर 10 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 07 मिनट से शाम 06 बजकर 32 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त कोई नहीं
- अमृत काल शाम 05 बजकर 55 मिनट से रात 07 बजकर 35 मिनट तक