शिवाजी कॉलोनी निवासी बिजली निगम के डिप्टी सुपरिटेंडेंट रहे चक्रवर्ती शर्मा के शव का तीसरे दिन शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। कनाडा से पहुंचे बड़े बेटे यश ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और सांत्वना व्यक्त करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। बार-बार बेटा यश भी यही कहता रहा...देखो पिता जी मैं आ गया।
मृतक के चचेरे भाई एडवोकेट गौरव शर्मा ने बताया कि उनके भाई चक्रवर्ती शर्मा के दोनों बेटे यश और नीलमणि कनाडा में रहते हैं। इसलिए वह बेटे यश के आने का इंतजार कर रहे थे। यश कनाडा से वीरवार की देर रात दो बजे घर पहुंचा था। आते ही वह अपने पिता के गले लगकर फफक पड़ा। यह देखकर सभी की आंखों में आंसू आ गए। गमगीन माहौल में शुक्रवार की सुबह 10 बजे जुंडला गेट स्थित मस्तगीर अखाड़े के साथ शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बेटे यश उनकी चिता को मुखाग्नि दी। विदित हो कि चक्रवर्ती शर्मा अक्सर कहा करते थे कि बेटे इतना दूर चले गए कि दाग देने भी नहीं पहुंच पाएंगे। यही कारण है कि पत्नी ने बेटे के आने के बाद ही अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया।
पुलिस जल्द से जल्द करे आरोपियों को गिरफ्तार
बेटे यश ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे, जिनकी वजह से उनके पापा इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पर उन्हें विश्वास है कि वह इस मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को सजा दिलाएंगे।
चार पेज का सुसाइड नोट लिखकर दी थी जान
बीते बुधवार को बिजली निगम के समालखा डिवीजन के कार्यालय में डिप्टी सुपरिटेंडेंट चक्रवर्ती शर्मा ने शौचालय में जाकर जहर निगल लिया था। उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, समालखा तैनाती से पहले चक्रवर्ती चार माह बिलासपुर यूएचबीवीएन में रहे। उस दौरान एक्सईएन नीरज कांबोज, एलडीसी राघव वधावन, हेड क्लर्क राकेश नंदा और अकाउंटेंट ने मिलकर लाखों का गबन किया था, जिसके बाद चक्रवर्ती पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस वजह से वे तनाव में थे। आरोप है कि उन पर गबन की गई रकम देने का दबाव भी बनाया जा रहा था।