माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर खराब और मनमर्जी से खड़े होने वाले वाहन जिंदगी और सफर को मुश्किलों में डाल रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने करनाल नगर निगम क्षेत्र में पड़ने वाले हाईवे के अप एंड डाउन में 15 किलोमीटर का सफर किया। इस दौरान दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच में हर एक किलोमीटर की दूरी पर कोई न कोई भारी वाहन सड़क किनारे खड़ा दिखाई दिया। इनमें करीब तीन-चार वाहन खराब होने के कारण खड़े थे। जबकि कई वाहनों के चालकों ने विश्राम के उद्देश्य से वाहन सड़क किनारे खड़ा किया हुआ था।
उचाना से लेकर पक्के पुल तक राइस मिल, गोदाम, होटल, ढाबों और पेट्रोल पंपों के नजदीक सड़क किनारे भारी वाहन ज्यादा खड़े दिखाई दिए। हाईवे पर होने वाले हादसों के पीछे भारी वाहन चालकों और प्रशासन की लापरवाही भी वजह है। जिसका खामियाजा राहगीर हादसे का शिकार होकर भुगतते हैं। यह हालात तब हैं जब खड़े वाहनों में टक्कर होने से हाईवे पर एक साल में हुए 32 हादसों में 17 से लोग जान गवां चुके हैं और 50 से ज्यादा घायल हुए। फिर भी पुलिस व प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ब्यूरो
यहां खड़े मिले भारी वाहन
- अल्फा सिटी के पास पेट्रोल पंप के पास चार जगह
- सेक्टर-5 के पास तीन जगह
- नई अनाज मंडी के नजदीक
- कंबोपुरा के पास पेट्रोल पंप के नजदीक दो जगह
- चेतक कुकर और करनाल मोटर्स के पास हाईवे पर चार जगह
- नमस्ते चौक पर उमंग होटल के पास सर्विस लेन पर वाहनों की कतार
- आईटीआई चौक पर वाहनों के गोदाम के बाहर कई गाड़ियां खड़ी थी
- संतोषी माता मंदिर के पास वाहन खड़ा करके चालक आराम कर रहा था।