पानी की टंकी व अन्य सामान बनाने वाली फैक्टरी ज्योति इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम में शाॅर्ट सर्किट होने से भयंकर आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई और सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। करनाल और कुरुक्षेत्र से पहुंचीं फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों से चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
भीषण आग ने गोदाम में तबाही मचाई। देखते ही देखते आग की लपटें पूरे परिसर में फैल गईं। आग की लपटों से गोदाम का टिनशेड पूरी तरह जल गया। अंदर रखा सारा माल भी खाक हो गया। फैक्टरी में प्लास्टिक पाइप का काम होता था, जिससे आग और तेज हो गई। मौके पर पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आसपास के लोगों को वहां से दूर किया। गनीमत रही कि आग लगने के समय श्रमिक गोदाम के अंदर नहीं थे। आग इतनी भयानक थी कि आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थी। जिसे देखकर तरावड़ी के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए।
श्रमिकों ने किया आग बुझाने का प्रयास
बुधवार की सुबह नौ बजे गोदाम में शाॅर्ट सर्किट होने से अचानक आग लग गई। वहां काम करने वाले लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कम होने के बजाय आग बढ़ती गई। दमकल विभाग तरावड़ी कार्यालय में फोन किया गया। उसके बाद तरावड़ी फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहुंची। आग का भीषण रूप देखकर कंट्रोल रूम करनाल को सूचित किया गया। करनाल से तीन, निसिंग, निंगदू व कुरुक्षेत्र से भी गाड़ियां भेजी गईं। फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
राइस मिलों से भी आए टैंकर
आसपास के राइस मिलर्स ने भी आग पर काबू पाने के लिए सहयोग करते हुए अपने पानी के टैंकरों को भरकर मौके पर भेजा। फैक्टरी मालिक अनिल गुप्ता ने बताया कि गोदाम में जर्मनी से आयातित प्लास्टिक पाइप व मशीनों में प्रयोग होने वाला अन्य सामान था। यह काफी कीमती था। आग के पूरी तरह ठंडा होने पर ही नुकसान का सही अनुमान लगाया जा सकेगा।