- बहलोलपुर के पाराशर तीर्थ में श्रीमद्धभागवत कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
जुंडला। बहलोलपुर गांव के पाराशर तीर्थ और नंदीशाला में श्रीमद्धभागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रवचन करते हुए प्रदीप गौड़ ने बताया कि हमें जिस किसी से भी जितना सीखने को मिले, सीखना चाहिए और उसे अपने आचरण में उतारने का प्रयत्न भी करना चाहिए। जिस प्रकार आदिगुरु दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाने पर कुछ न कुछ शुभ संदेश जीवन में प्राप्त किए। जिसमें उन्होंने सूर्य, पृथ्वी, पिंगला, वायु, मृग, समुद्र, पतंगा, हाथी, आकाश, जल, मधुमक्खी, मछली, बालक, कुरर पक्षी, कबूतर, अग्नि, चंद्रमा, कुमारी कन्या, सर्प, तीर बनाने वाला, मकडी़, भृंगी, अजगर और भौंरा आदि अपने 24 गुरु बनाए।
भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन एवं अंत में राजा परीक्षित के मोक्ष प्राप्ति का भी रसपान कराया। उन्होंने कहा कि जब से भगवान श्रीकृष्ण अपनी लीला समाप्त कर गोलोक धाम गए, तभी से कलियुग का वास पृथ्वी पर हो गया। तक्षक नाग ने गंगा किनारे बैठे राजा परीक्षित को आकर डंसा तो उनका शरीर जलकर भस्म हो गया। इसके बाद उन्होंने सात दिन श्रीमद्धभागवत कथा सुनकर मोक्ष को प्राप्त किया। इस अवसर पर राजकुमार गोयल, कैलाश गोयल, राजकुमार भार्गव, सुशील सिंगला, अजय गोयल, अंकुश सिंगला, अशोक जिंदल, वेदप्रकाश गोयल, रामकुमार वर्मा, चंचल राणा, महिपाल राणा, सेठपाल राणा, सिया राम, जोगी राम जुंडला और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।