संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बार अभी तक मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए कुल 2,83, 911 घरों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 177 घरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लार्वा जांच टीम में शहरी क्षेत्र में 150 लोग और ग्रामीण क्षेत्र में 16 सदस्य फील्ड में जाकर सर्वे और जागरूकता का कार्य कर रही है। अब तक डेंगू के कुल 6 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक नया केस इसी सप्ताह रिपोर्ट हुआ है। वहीं, मलेरिया का इस साल अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है।
इसके मुकाबले पिछले साल डेंगू के कुल 624 और मलेरिया का एक ही केस सामने आया है, जो इस बार की स्थिति को संतोषजनक दर्शाते हैं। वहीं, विभाग की ओर से स्कूलों में बच्चों को डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए रोजाना हेल्थटॉक दिया जा रहा है। लोगों को व्हाटस्अप के जरिये ऑडियो संदेश भेजे जा रहे हैं ताकि वें सतर्क रहें।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अन्नू शर्मा ने बताया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हमारी टीमें सक्रिय हैं। लोगों को जागरूक करना और लार्वा की पहचान कर उसे नष्ट करना हमारी प्राथमिकता है। लोगों का सहयोग इस बार बेहतर मिल रहा है, जो बीमारी पर नियंत्रण में सहायक है। समय पर सतर्कता और जन-जागरूकता ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है।
डेंगू से बचाव के उपाय
घर के आस-पास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी की टंकियों को हफ्ते में एक बार साफ करें। पानी को ढक कर रखें। गंदगी और कूड़ा-करकट न होने दें। शाम को बाहर निकलते वक्त पूरे कपड़े पहनें। जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।