संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कमिश्नर बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुरुनानक दरबार कुरुक्षेत्र निवासी प्रभजोत सिंह ने बताया कि वह फिलहाल बसंत विहार में रह रहा है। वह गुरुद्वारा में भजन कीर्तन करता है। वह अपने दोस्त प्रदीप के साथ यूपी में शादी समारोह में गया था। वहां उसे पुराना दोस्त आकाश धीमान निवासी जनकपुरी मुजफ्फरनगर मिला। उसने उसकी मुलाकात विवेक तरार निवासी गांव सिलावर थाना आदर्श मंडी शामली से कराई और बताया कि विवेक तरार बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन में कमिश्नर है। इसके बाद विवेक तरार से उनकी बात हुई। उसने कहा कि यदि बच्चे को बीआरओ में भर्ती कराना है तो उससे संपर्क कर सकता है। वह उन्हें भी सुपरवाइजर लगवा देगा।
उसने एक बच्चे को नौकरी लगाने में लगभग 4 लाख रुपये का खर्चा बताया। उन्होंने विवेक तरार को गूगल पर भी सर्च किया जहां पर उसकी आईडी विवेक तरार कमिश्नर मिनिस्ट्री के नाम से निकलकर आई और कमिश्नर की वर्दी में विवेक तरार के काफी फोटो भी डले थे। जिससे उन्हें विश्वास हो गया है कि विवेक तरार बीआरओ में कमिश्नर है। इसके बाद उन्होंने दोस्त अनिल निवासी गांव राहड़ा कैथल के जानकारों से 20 युवकों के रुपये लेकर विवेक तरार को दे दिए। विवेक तरार ने फर्जी ज्वाइनिंग पत्र भी युवकों को दे दिए और उनकी ट्रेनिग ऋषिकेश प्राईवेट कैंप में करवाई। इसके बाद प्रदीप व अनिल ने भी बीआरओ में सुपरवाइजर लगने के लिए 4-4 लाख रुपये विवेक तरार को करनाल कोर्ट के समीप उसके साथ आए उसके दोस्त रवि कुमार को मार्च 2021 में दे दिए। कुछ दिन बाद पता चला कि विवेक तरार फर्जी व्यक्ति है जो नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता है।