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डीसी के गोद लिए गांव में समस्याओं के अंबार

Tue, 25 Aug 2015 01:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
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गांव रायसन में समस्याओं के अंबार लगे हैं। यह गांव डीसी डॉ. जे गणेशन ने गोद लिया है। डीसी के गोद लिए गांव में समस्याओं के हल न होने से ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि 11 फरवरी को लगे खुले दरबार में उपायुक्त डॉ. जे.गणेशन ने गांव रायसन को गोद लिया था। खुले दरबार में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। ग्रामीणों ने गांव में पानी निकासी, सफाई व्यवस्था, बस सुविधा जैसी मूलभूत असुविधाओं का समाधान करवाने के लिए डीसी को अवगत करवा समस्याओं को सुधारने के लिए ज्ञापन भी दिया था।

इस पर उपायुक्त ने मौजूद सभी अधिकारियों को गोद लिए हुए गांव में 2 मार्च तक लोगों की समस्याओं का निपटारा करने के आदेश दिए थे, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी गांव में समस्याओं का पिटारा अब तक बंद नहीं हुआ है। समस्याएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती नजर आ रही हैं।
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ग्राम पंचायत कर जात-पात का भेदभाव
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत भी समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। ग्रामीण मुकेश, मंगत राम, साई दास, अजय कुमार, हीरा लाल का कहना है कि ग्राम पंचायत उनकी समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। समस्या के बारे में ग्राम पंचायत को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों पड़ी
है। ग्राम पंचायत के अधिकारी इस गंभीर समस्या का हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। अधिकारी समस्या का मुआयना करके हल करवाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं।

पानी की निकासी न होने से गांव में दुर्गंध का माहौल बुना है। आवारा पशु गंदगी के ढेर में मुंह मारते फिरते हैं। लोगों का जीना दुर्भर हो गया है। मुकेश कुमार ने कहा कि गलियों में पानी जमा होने से मक्खी-मच्छरों की तादाद बढ़ रही है। गांव के छोटे-छोटे बच्चों को गंदे पानी में से निकल कर स्कूल में पढ़ने के लिए जाना पड़ता है। अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरे  क्षेत्र के लोग महामारी की चपेट में आ जाएंगे।

खुले में शौच जाने को मजबूर चल रहा महिला शौचालय
गांव रायसन में अब तक 84 लोगों के घर शौचालय मौजूद नहीं है, जिसके लिए मां दुर्गा मंदिर के पास महिलाओं के लिए शौचालय बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने कुछ जगह दे रखी है। इसकी चहारदीवारी तो कर दी गई है ,लेकिन उसका आज तक मेन दरवाजा व उसमें कोई शौचालय तक नहीं बना है। इस कारण महिलाओं को मजबूरन खुले में ही शौच जाना पड़ता है।
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