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केयू परिसर में सिमटा नजर आया समूचा भारत

Fri, 21 Feb 2014 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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सरस्वती महोत्सव के तीसरे दिन अंग्रेजी गीतों की खूब धूम रही। 29वें अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय युवा समारोह सरस्वती महोत्सव के दौरान आयोजित वेस्टर्न ग्रुप सांग प्रतियोगिता में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए।
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अंग्रेजी गीतों पर दर्शकों के पांव पर जमकर थिरके। इसके साथ ही आडिटोरियम हाल के बाहर खुले मंच पर ऐच्छिक प्रस्तुतियों के दौरान दर्शकों का हुजूम ऐसा अहसास करवा रहा था मानो केयू में लघु भारत सिमट आया हो।

इस मंच पर विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने प्रतियोगिताओं से हट कर अपनी प्रस्तुतियां दीं।

आडिटोरियम में आयोजित वेस्टर्न ग्रुप सांग में सबसे पहले मंच पर आए वनस्थली विश्वविद्यालय राजस्थान की प्रस्तुति ‘सम बॉडी दैट आई यूज्ड टू नो’ के अलावा माखन लाल जनसंचार एवं पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल का गीत ‘समथिंग इज मिशिंग इन माई हार्ट’, मणिपुर विश्वविद्यालय मणिपुर की प्रस्तुति ‘आई वुल्ड नोट गिव अप’ पर रही।
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प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से आए विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके बाद वेस्टर्न वोकल सोलो प्रतियोगिता का आयोजन इसी मंच से हुआ।

उधर, आरके सदन में आयोजित क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो (नोन पी) प्रतियोगिता में कुल 10 विश्वविद्यालयों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इसी मंच से दोपहर बाद क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो (पी) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

बनारस विश्वविद्यालय की टीम ने सितार और तबला पर राग गुजरी, तोड़ी, अलाप जोड़ालाप, नोमात्रे, बंदिश, तीनलाप और झाला पेश किया।

अमरावती महाराष्ट्र से आई टीम ने हारमोनियम, तानपुरा और तबला पर राग किरवानी, बड़ा याल और छोटा याल पेश किया। मुंबई विश्वविद्यालय की टीम ने सरोद पर यमन राग पेश किया।

गुरुनानक देव विश्वविद्यालय ने तबला और सारंगी पर राग चारूकेशी पेश किया। वनस्थली विश्वविद्यालय राजस्थान ने तबला और वॉयलिन पर राग बागेश्वरी पेश किया।

रंगोली में दिखाया हुनर
ललित कला विभाग में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 10 टीमों ने भाग लिया। रंगोली में अपने-अपने क्षेत्र की परंपरागत रंगोली रची गई। इसके साथ ही रंगोली के माध्यम से सुंदर चित्रकारी भी की गई, जो काफी मनोहरी नजर आई।

बनारस विश्वविद्यालय की टीम ने अबीर व सुजी से गणपति का प्रतिकात्मक रूप उकेरा। यह उस क्षेत्र में दीपावली के अवसर पर रची जाने वाली मुख्य रंगोली है। इसके साथ ही गुरुनानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर ने बुरादे के साथ बसंत पंचमी पर रंगोली बनाई।

नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से बतख और कमल के फूल की पारंपरिक रंगोली बनाई गई। जम्मू विश्वविद्यालय ने रंगीन चावलों से कलश और गणेश जी की रंगोली रची। आचार्य नागार्जुन आंध्र प्रदेश की टीम ने पोंगल पर बनाई जाने वाली रंगोली गुलाल से रची।

आज होने वाले कार्यक्रम
29वें अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय युवा समारोह सरस्वती महोत्सव के चौथे दिन 21 फरवरी को सुबह 9 बजे आडिटोरियम हाल में वन एक्ट प्ले, इसी समय राधा कृष्ण सदन में ग्रुप सोंग इंडियन व सीनेट हाल में एलोक्यूशन प्रतियोगिताएं होंगी।

इसी समय ललित कला विभाग में कोलाज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। दोपहर बाद राधा कृष्ण सदन में क्लासिकल डांस इंडियन सोलो प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उधर, ललित कला विभाग में इंस्टालेशन प्रतियोेगिता आयोजित की जाएगी।
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