शुगर मिल के नवीनीकरण व अन्य मांगों को लेकर गुस्साए किसानों ने मंगलवार
को शुगर मिल पहुंचकर गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद गुस्साए किसान भारतीय
किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान की अध्यक्षता में अनिश्चितकालीन समय
के लिए शुगर मिल के गेट के बाहर ही बैठ गए।
गुस्साए किसानों ने प्रदेश
सरकार प्रशासन व शुगर मील के प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। शाम साढ़े 6
बजे तक किसान प्रशासन द्वारा किसी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण शुगर
मिल के गेट पर ही अड़े थे। इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के पूर्व ऐलान
के अनुसार किसान सुबह 10 बजे शुगर मिल पहुंचे और वहां ताला जड़ दिया।
प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान
ने कहा कि 18 अगस्त को हुई बैठक में एमडी कार्यालय का घेराव कर किसानों ने
एमडी को ज्ञापन दिया था।
इस मौके पर यह चेतावनी भी दी गई थी कि अगर 25
अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो गेट अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद कर दिया
जाएगा। सैकड़ों किसानों के कारण शुगर मिल के गेट पर कम स्थान होने के कारण
आधे से ज्यादा किसान सड़क पर हो गए। इसी कारण मजबूरी में सड़क को वन-वे
करना पड़ा। करीब 7 घंटे की नारेबाजी के बाद शाम करीब 5 बजे एमडी वर्षा
खंगनवाल व डायरेक्टर मौके पर पहुंचे।
दोनों ने किसानों को समझाते हुए 10
दिनों का समय मांगा। इस पर प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने लिखित आश्वासन की मांग
की, लेकिन वह नहीं दे पाए। इसी कारण किसानों का धरना जारी रहा। इस दौरान
मौके पर प्रदेश महासचिव सुरेश दहिया, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम चंद, प्रदेश
संगठन सचिव शाम सिंह मान, प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, उत्तर हरियाणा
प्रभारी बलवान सिंह बदराना, खंड निसिंग प्रधान यशपाला राणा, पाल सिंह,
घरौंडा खंड प्रधान धनेतर राणा, असंध खंड प्रधान जोगिंद्र सिंह झींडा, किसान
नेता डॉ. सत्यवीर समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
डीसी को बुलाने की मांग पर अड़े किसान
प्रदेशाध्यक्ष
रतनमान ने बताया कि हुड्डा सरकार में मिल के नवीनीकरण के लिए 90 करोड़
रुपये का ग्रांट जारी हुआ था, लेकिन सरकार बदलने के बाद मामला ठंडे बस्ते
में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि हजारों किसानों से मामला जुड़ा होने के
बावजूद डीसी ने आज तक इस मामले पर कोई सुध नहीं ली। रतनमान ने कहा कि जब तक
खुद डीसी मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन नहीं देते उनका प्रदर्शन जारी
रहेगा और गेट का ताला नहीं खुलेगा।
94 करोड़ गन्ने की पेमेंट का दिया जाए ब्याज
धरने
पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को
उनकी गन्ने की पेमेंट देरी से दी गई है। इस दौरान 94 करोड़ रुपये गन्ने की
पेमेंट का जो ब्याज बनता है किसानों को वह भी जल्द से जल्द दिया जाए।
रतनमान ने कहा कि मील के साथ हजारों किसानों का रोजगार जुड़ा है यदि इसका
नवीनीकरण नहीं हुआ तो इसे बंद करने से हजारों किसान भूखे मर जाएंगे।