गांव गढ़ीबीरबल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई 11वीं कक्षा के
छात्र की गंभीर रूप से पिटाई के मामले में पुलिस ने आरोपी अध्यापक के
खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
इतना ही नहीं छात्र के परिजनों पर समझौता
करने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। पिता का आरोप है कि पुलिस और
अध्यापक की ओर से उनके पास पंचायतें भेजी जा रही है। पुलिस द्वारा अध्यापक
के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने से परिजनों में रोष बना है।
छात्र अनुज
के पिता देवी सिंह ने बताया कि बेटे की पिटाई के चार दिन बाद भी पुलिस ने
अध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। पुलिस उन पर पंचायती तौर पर
समझौता करने का दबाव बना रही है।
देवी सिंह ने बताया कि पुलिस और अध्यापक
द्वारा उनके घर कई गांवों के सरपंच तथा मौजिज व्यक्ति भेजे जा रहे हैं। ये
लोग उन पर मारपीट मामले में समझौते का दबाव बना रहे हैं। इस मामले की
शिकायत डीसी बलराज और जिला शिक्षा अधिकारी आशा मुंजाल से भी की गई है।
इसके
बाद भी पुलिस कार्रवाई करने में आनाकानी कर रही है। पिता देवी सिंह ने
बताया कि 14 मई को उसके बेटे को गांव के स्कूल में तैनात अध्यापक महेंद्र
सिंह ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। गंभीर चोटें लगने के बाद उसे अस्पताल
में दाखिल कराया गया था। छात्र के कान और कमर टांगों और हाथाें पर चोटें
लगी हैं। छात्र के पिता का आरोप है कि उनके बच्चे को आरटीआई के तहत सूचना
मांगने की सजा मिली है। देवी सिंह ने मांग करते हुए कहा कि आरोपी अध्यापक
को निलंबित किया जाए। आरोपी अध्यापक को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
यह था मामला
गांव
गढीबीरबल निवासी छात्र अनुज 11वीं कक्षा (नॉन मेडिकल) का छात्र था। रिजल्ट
आने के एक महीना स्कूल में 12वीं कक्षा में बैठता रहा। एक महीना कक्षा में
बैठने के बाद अध्यापक ने छात्र को फेल बता दिया।
जब इसका कारण पूछा तो
उन्हें स्कूल की ओर से कुछ नहीं बताया गया। इससे खफा होकर उसने स्कूल से
आरटीआई के तहत जानकारी मांग ली। उसी दिन से आरोपी अध्यापक उनके लड़के से
द्वेष रखने लगे। इसके बाद छात्र को टीचर ने बेरहमी से पीटा है।