करीब सात महीने पहले इंद्री के एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल मनोज गौतम को
तीन और चार साल की दो बच्चियों से दुराचार करने के आरोप में क्लीन चिट मिल
गई है। यह क्लीन चिट मधुबन क्राइम ब्रांच ने दी है। क्राइम ब्रांच ने पूरे
मामले की जांच करने के बाद जांच रिपोर्ट अदालत में सौंप दी।
उधर, इस मामले
में तत्कालीन थाना प्रभारी अनिल कुंडू को सस्पेंड कर दिया गया है। उसे
डीजीपी के आदेश पर सस्पेंड किया गया है। कुछ दिन पहले ही अनिल कुंडू
इंस्पेक्टर पदोन्नत होकर सिरसा ट्रांसफर हुआ था। अनिल कुंडू के सस्पेंड
होने की पुष्टि सिरसा के एसपी सौरभ सिंह ने की है।
तीन नवंबर को इंद्री
पुलिस ने मनोज गौतम को किसी काम के बहाने से थाने में बुलाया था। इससे
पूर्व दो नवंबर को उसके खिलाफ तीन साल की स्कूल की बच्ची से दुराचार करने
का मामला दर्ज किया था। थाने में बुला कर पुलिस ने उसे बताया था कि उसके
खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज है।
उसे सात नवंबर को पेश किया गया था। बच्ची
से दुराचार की घटना 31 अक्तूबर की बताई गई है। मनोज गौतम के पिता मेघनाथ
गौतम ने बताया कि पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं कि तो उन लोगों ने डीजी से
मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपने की गुहार लगाई थी।
क्राइम ब्रांच के
डीएसपी मदन लाल के अनुसार मामले में कई तकनीकी पहलू सामने आए हैं। घटना के
दिन घटना 12 बजे से पहले की बताई जा रही है। मनोज गौतम की कॉल डिटेल के
अनुसार वह 12 बज कर 19 मिनट पर स्कूल में पहुंचा है। बच्ची का मेडिकल दो
नवंबर को कराया गया है।
घटना 31 अक्तूबर की है। दूसरी बच्ची की घटना भी इसी
दिन की है, लेकिन मेडिकल पांच नवंबर को कराया गया है। पूरे मामले की
रिपोर्ट बनाकर अदालत में भेज दी गई है। इस मामले को गंभीरता से नहीं लेने
और आननफानन में जांच कर मनोज गौतम को गिरफ्तार करने के मामले में ही
तत्कालीन थाना इंद्री प्रभारी अनिल कुंडू को सस्पेंड किया गया है। क्राइम
ब्रांच असली मुलजिम तक भी जल्द पहुंचने वाली है।