करनाल। शहर के रेलवे रोड पर एक होटल में भाजपा की निकाय व पंचायती चुनाव को लेकर बैठक थी। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक आदि शामिल हुए। बैठक का विरोध करने के लिए किसानों के एलान को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। आईजी और एसपी के साथ तीन जिलों के 13 डीएसपी फोर्स के साथ तैनात रहे।
करनाल रेंज आईजी ममता सिंह खुद भी सुरक्षा का जायजा ले रही थीं और वह किसानों पर हुए लाठीचार्ज के घटना स्थल पर भी मौजूद थी। आईजी के साथ करनाल एसपी गंगाराम पूनिया ने भी सुरक्षा का जायजा लिया। इससे अलग करनाल, कैथल व पानीपत तीनों जिलों से 13 डीएसपी, 20 इंस्पेक्टर सहित करीब 800 पुलिस कर्मी सुरक्षा में तैनात थे। यही नहीं 100 से अधिक होमगार्ड के जवान भी पुलिस नाकों पर तैनात थे। सुरक्षा के लिए शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस थी और शहर में प्रवेश करने वाली सड़कों को तो पुलिस ने ट्रकों को खड़ा कर पूरी तरह से बंद किया हुआ था। इससे अलग शहर में भी पुलिस ने 41 नाके लगाए हुए थे। हर नाकों पर 10 से 15 पुलिस कर्मी तैनात थे।
ट्रैफिक के लिए करीब 200 जवान थे तैनात
सीएम मनोहर लाल का हेलीकॉप्टर नेवल हवाई पट्टी पर उतरा था। वहां से लेकर कार्यक्रम स्थल व अन्य जगहों की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए करीब 200 पुलिस कर्मचारी व होमगार्ड के जवान तैनात थे। इस दौरान वाहन चालकों को परेशानी नहीं हुई लेकिन बसताड़ा टोल पर किसानों द्वारा जाम लगाने के बाद वाहन चालकों की परेशानी बढ़ने लगी थी।