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बिजली दरें बढ़ी तो बढ़ गई चोरी

Tue, 27 Oct 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
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बिजली दरें क्या बढ़ी जिले में बिजली चोरी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। ज्यादा बिल से बचने के लिए लोगों ने यह तरीका निकाला है। बिजली निगम के आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले 26 दिनों में 378 चोरी पकड़ी जा चुकी हैं, जबकि इनसे पहले महीनों का औसतन 230 चोरी की घटनाएं पकड़ी जाती रही हैं।
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 अहम बात यह है कि टीम ने एक अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक 378 चोरी पकड़ी हैं। इनमें 182 चोरी ग्रामीण एरिया से पकड़ी है और 111 चोरी शहरी एरिया में। एक से 26 अक्टूबर तक बिजली निगम ने की टीमों ने छापेमारी कर इन बिजली चोरी करने वालों पर एक करोड़ ग्यारह लाख रुपये जुर्माना भी ठोका है। हालांकि यह जुर्माना वसूल नहीं हो पाया और उपभोक्ताओं को नोटिस भेज दिए गए हैं।

पिछले दिनों बिजली निगम द्वारा स्लैब प्रणाली में बदलाव के कारण बिजली दरें बढ़ गई थी। ऐसे में उपभोक्ताओं के बिल ज्यादा आए। इससे उपभोक्ताओं ने बिल से बचने के लिए बिजली चोरी करना शुरू कर दिया। चोरी की जानकारी मिलते ही निगम भी अलर्ट हो गया। बिजली निगम ने चोरी पकड़ने के लिए 18 सब डिवीजनों से 36 टीमों का गठन किया है, जो लगातार जिलेभर में धड़ाधड़ छापेमारी कर रही हैं। टीमों ने 26 दिन में टीम ने 378 चोरी पकड़ी और एक करोड़ 11 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। टीम एरिया चिन्हित करके चोरी पकड़ने में लगी है।
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4.32 लाख हैं उपभोक्ता, हर डिवीजन पर दो टीम
जिले में बिजली के चार लाख 32 हजार उपभोक्ता हैं और करीब 80 करोड़ रुपये बिल के रूप में जमा हो रहे हैं। बिजली चोरी करने से निगम को नुकसान हो रहा है। इस कारण वह बिजली संबंधित फाल्ट दूर करने में समय लग रहा है। निगम की 18 सब डिवीजन हैं। हर सब डिवीजन से दो-दो टीमों का गठन किया है, जो एसडीओ के नेतृत्व में काम कर रही हैं। बिल में कम रकम लेकर आने के कारण लोग चोरी करने में गुरेज नहीं करते। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि एरिया चिन्हित किया जा रहा है। जिस एरिया में बिजली ज्यादा चोरी हो रही है उस एरिया पर टीम का पूरा ध्यान रहेगा। टीम के सदस्य मौके का आंकलन करके टीम के साथ कार्रवाई करेंगे। मौके की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि लोग टीम के सदस्यों पर किसी प्रकार का आरोप न लगा सकें।

मीटर में छेड़छाड़ कर करते हैं चोरी
बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी लोग पूरी चौकसी से करते हैं, ताकि टीम भी उन्हें पकड़ न सके। मीटर में छेड़छाड़ करके चोरी करते हैं। मीटर बाईपास से भी बिजली चोरी करते हैं। बहुत से उपभोक्ताओं ने मीटर जला दिए हैं और औसत के आधार पर बिल भर रहे हैं। इसमें बिजली खर्च का आंकड़ा नहीं बनता। ऐसे उपभोक्ता हीटर सहित बिजली संबंधित सारा काम करते हैं।

जनवरी से सितंबर तक औसतन पकड़ी 230 चोरियां
बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि चोरी पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू से ही की जा रही है। जनवरी से सितंबर माह तक हर महीने 230 चोरी पकड़ी जाती थी। इनसे 80 लाख रुपये जुर्माना होता रहा। हर महीने चोरी पकड़ने का यह आंकड़ा कम था, इसलिए निगम ने टीम गठित करके सिर्फ चोरी पकड़ने की तरफ पूरा ध्यान रखा गया। इस कारण 26 दिन में ही टीम के बेहतर परिणाम सामने आए हैं।

निगम का स्टाफ नहीं मार पाएगा फरलो
बिजली निगम के सर्कल ऑफिस में बायोमैट्रिक मशीन लगा दी है। इसमें पूरे स्टाफ को पूरी ड्यूटी करनी पड़ रही है। कर्मचारी कुर्सी पर बैठकर उपभोक्ता का काम कर रहे हैं। इससे पहले कर्मचारी फरलो मारते रहते थे और उपभोक्ता शिकायत को लेकर चक्कर लगाता रहता था। इससे उसकी समस्या का समाधान नहीं होता था। स्टाफ से बेहतर काम लेने के लिए मशीन लगना सही है।  
वर्जन
बिजली चोरी को पकड़ने के लिए सख्ताई बरती हुई है। चोरी करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में चोरी पकड़ी जा रही है। 378 चोरियों पर एक करोड़ 11 लाख रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माने की रकम जमा करवाने के लिए नोटिस भेज दिए हैं।
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-जेके कांबोज, एसई, बिजली निगम करनाल।
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