दोपहर दो बजकर 41 मिनट पर करीब सात सेकेंड के लिए आए भूकंप ने आम से लेकर
खास लोगों के पसीने छुड़ा दिए। कोर्ट परिसर से वकीलों के साथ जज भी तेजी से
बाहर आए, वहीं लोगों ने बाजार व कॉलोनियों घरों और दुकानें छोड़कर खुले
में आकर राहत महसूस की। भूकंप का डर इतना था कि लोग घरों के बाहर बच्चों को
लेकर भाग निकले। भूकंप के बंद होने के काफी देर तक लोग दोबारा अंदर नहीं
गए, हर कोई समझ रहा था कि भूकंप एक बार फिर से आएगा।
जिले में भूकंप के
झटकों को हर किसी ने महसूस किया। शहर के मुगल कैनाल मार्केट, सदर बाजार,
कुंजपुरा रोड, चार चमन कालोनी, रामनगर सहित कस्बों में भूकंप के झटके महसूस
होते ही लोग एक दूसरे को मोबाइल से भूकंप को लेकर हैरानी के साथ बातचीत
करते रहे।
सीएम सिटी में तो लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर आ गए और
एकाएक घटी इस घटना से स्तब्ध रह गए। करनाल के ओल्ड पुलिस लाइन रोड का यह
नजारा रहा कि दुकानों से सभी लोग भूकंप के झटके आने के बाद भागकर सड़क पर आ
गए। लघु सचिवालय और अदालत में से भी अधिकारी कमरों से बाहर निकल आए। अदालत
में कई जज और वकील भी बाहर निकल आए। बाद में राहत महसूस की।
लोग बोले, भूकंप ने उड़ा दी नींद
असंध
के बसस्टैंड एरिया वासी संदीप कुमार ने बताया कि वह सो रहे थे। भूकंप ने
बेड को हिला दिया। नींद उड़ गई और बाहर लोगों का शोर सुनकर वह हैरान हुए।
बाहर आकर पता चला कि भूकंप आया था। पूरी कॉलोनी की महिला व बच्चे काफी देर
तक गलियों में खड़ी रहकर चिंता जताती रही, वहीं काजल सेन ने बताया कि वह भी
सो रहे थे। बेड हिलता महसूस करते ही वह सभी बाहर आए। उन्होंने पड़ोसियों
को भी बाहर आने के लिए कहा। ऑटो मैकेनिक संजय ने बताया कि भूकंप आया, हम एक
दम काम करते करते दुकान से बाहर आए। दुकानदार गौरव ने बताया कि जमीन को
हिलते हुए पाया और जब महसूस किया की यह भूकंप का झटका था तो वह भी हैरान हो
गए। तुरंत दुकान से बाहर आ गए।