बसंत विहार के जिम ट्रेनर संदीप उर्फ कर्ण चौहान की हुई हत्या के मामले
में आरोपियों ने कबूल किया है कि ट्रेनर का मोबाइल घटना की रात ही नष्ट कर
दिया था। मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए पुलिस से बचने के लिए ऐसा किया गया। यह
खुलासा पानीपत के डाहर गांव वासी दोनों सगे भाइयों ने रिमांड के दौरान किया
है।
सीआईए वन स्टाफ ने हत्या के दोनों आरोपियों को पांच दिन के रिमांड के
बाद रविवार को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया है। डाहर गांव वासी फौजी
प्रदीप व प्रवीन दोनों सगे भाइयों ने 10 अक्टूबर की देर रात कर्ण की गला
दबाकर हत्या कर दी थी।
आरोपियों ने कर्ण की कार व मोबाइल सहित अन्य सामान
लूटकर उसकी हत्या कर दी थी। कर्ण का शव सेक्टर-छह के समीप बंधा हुआ मिला
था। एसपी पंकज नैन ने इस मामले में एसआइटी गठित की और आरोपियों को ढूंढ
निकाला। सीआईए वन टीम के इंचार्ज दीपक कुमार ने बताया कि जिम ट्रेनर कर्ण
चौहान से लूटा गया जरूरी दस्तावेज रिमांड के दौरान बरामद कर लिए हैं।
आरोपियों की निशानदेही पर लूट के दौरान उपयोग की गई पिस्टल, बाइक व अन्य
सामान मिल गया है। आरोपियों ने कर्ण का मोबाइल तोड़कर खत्म कर दिया है।
इसलिए मोबाइल की बरामदगी नहीं हो पाई। पुलिस ने आरोपियों से लूटी गई कार
पहले ही बरामद कर ली थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कर्ण से उनकी कोई
जानी दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने एक बड़ी लूट या डकैती की घटना को अंजाम
देने के लिए कार लूटना था।