प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं की गुटबाजी रविवार को फिर दिखाई दी। सभी
दिग्गज नेता करनाल में प्रदेश की पूर्व मंत्री मीना मंडल की श्रद्धांजलि
सभा में तो एकजुट रहे, लेकिन उसके बाद राहें अलग हो गईं। पाटी में गुटबाजी
और फासलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र
सिंह हुड्डा ने जीटी रोड के इस पार सेक्टर 14 और अशोक तंवर व किरण चौधरी ने
उस पार सेक्टर आठ में बैठक औरप्रेसवार्ता की।
कई दिन पहले डेंगू से पीड़ित
पूर्व मंत्री मीना मंडल का निधन हो गया था। रविवार को कृष्णा मंदिर में
उनकी शोक सभा रखी गई। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए प्रदेश कांग्रेस
अध्यक्ष अशोक तंवर, किरण चौधरी, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह
सुरजेवाला और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक कुलदीप
शर्मा पहुंचे। इनके अलावा पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा, संजय छोक्कर,
पूर्व विधायक सुमिता सिंह, भीम सेन मेहता, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नरवाल,
पूर्व सीपीएस जिलेराम शर्मा, जय सिंह राणा समेत तमाम नेता पहुंचे।
शोक
सभा के बाद फिर सियासत शुरू हो गई। पूर्व सीएम भूपेद्र हुड्डा ने सेक्टर 14
स्थित कार्यकर्ता जसवंत के घर पर मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार को हर
मोर्चे पर फेल कहा। उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर को चंडीगढ़ में मीडिया के
सामने सरकार की पोल खोलेंगे। हालांकि, पार्टी में गुटबाजी के सवाल को वो
टाल गए।
उधर प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर व किरण चौधरी ने सेक्टर आठ में
कार्यकर्ता बलवान सेन के घर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। मीडिया से
मुखातिब तंवर व किरण चौधरी ने भाजपा सरकार पर जमकर तीर छोड़े।
तंवर ने कहा
कि प्रदेश में दलित सुरक्षित नहीं हैं। सरकार सुनपेड़ मामले में बार बार
बयान बदल रही है। कानून व्यवस्था के नाम पर जंगलराज हो गया है। यह पहली
सरकार है जो अपनी विफलताओं का जश्न मना रही है। हालांकि, दोनों नेताओं ने
कहा कि सभी नेता संगठन के लिए काम कर रहे हैं। कहीं पर कोई गुटबाजी नहीं
है। इनके अलावा, सीपीएस बख्शीश सिंह सीएम के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे और
उन्होंने शोक जताया। पूर्व मंत्री आईडी स्वामी, शशिपाल मेहता आदि ने भी
श्रद्धासुमन अर्पित किए।