सिख धर्म में पंज प्यारों का स्थान सर्वोच्च है। पंज प्यारों का कहा हुआ
कोई भी हुक्म तो श्री गुरु गोबिंद सिंह ने भी नहीं टाला था। परंतु शिरोमणि
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने पंज प्यारों के
फैसले को रद करके श्री गुरु गोबिंद सिंह द्वारा बनाए गए नियमों की उल्लंघना
करके घोर निरादर का कार्य किया है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट
कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने शनिवार को डेरा कार सेवा में पत्रकार
वार्ता के दौरान यह बात कही। झिंडा ने कहा कि इसने सिख कौम को सोचने पर
मजबूर कर दिया है। श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने हमेशा पंज प्यारों को
सिख कौम में सबसे ऊंचा स्थान दिया था, लेकिन मक्कड़ ने उन्हें केवल अपना
मुलाजिम समझकर जिस तरीके से बर्खास्त किया है, इससे पूरे सिख जगत के सिखों
के हृदय को गहरा आघात पहुंचा है। अवतार सिंह मक्कड़ पंज प्यारों के आगे पेश
होकर अपनी भूल बख्शाएं और माफी मांगें।
साथ ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा
सिख संगत को सौंपकर पंज प्यारों को बर्खास्त करने का फैसला रद करें।
उन्होंने कहा कि पंज प्यारों का कार्य नगर कीर्तनों में उनकी अगुवाई करना
है व प्रचार करना मात्र है, परंतु वह ज्ञानी गुरबचन सिंह से पूछना चाहते
हैं कि पंज प्यारों को सिख धर्म में श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज ने
सर्वोच्च क्यों माना है। इस मौके पर उनके साथ इंद्रपाल सिंह, युवा प्रदेश
महासचिव अंग्रेज सिंह पन्नु, साहब सिंह मर्दानखेड़ा, प्रभजोत सिंह,
जसविंद्र सिंह बिल्ला आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।