लोगों को इंसाफ दिलाने वाले खुद इंसाफ मांग रहे हैं। इतना ही नहीं पीड़ित
की आस खुद अपने विभाग से टूटने लगी है। एएसआई ने आरोप लगाया कि पुलिस
मंत्री के दबाव में है और मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
इंद्री थाने में तैनात एएसआई राजेंद्र सिंह का कहना है कि अगर जल्द ही
मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इस संबंध में एसपी से
मिलेंगे।
गौरतलब है कि 29 सितंबर को इन्द्री के गांव नन्हेड़ा के पास कार
बाईक की भिड़ंत में बाइक सवार युवक संदीप की मौत मामले में विरोध जता रहे
लोगों ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। मारपीट में घायल एएसआई
राजेन्द्र कुमार की शिकायत पर इन्द्री थाना पुलिस से मारपीट, सरकारी डयूटी
में बाधा डालने, रास्ता रोकने सहित अन्य धाराओं के तहत आरोपी सुनील खेड़ा,
बिल्लू सहित 10-15 के खिलाफ केस दर्ज किया था। वारदात को 11 दिन बीत जाने
पर भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
आरोपियों को बचाने का आरोप
रोषजदा
एएसआई राजेन्द्र सिंह ने अपनी पिटाई की दास्तान सुनाते हुए कहा कि करीब 11
दिन पहले उन्हें गांव नन्हेड़ा मौड़ के पास कार-बाइक दुर्घटना की सूचना
मिली थी, जैसे ही मौके पर पहुंचे तो वहां पर मौजूद ग्रामीणों ने मौके पर
पहुंचते ही एक मंत्री के रिश्तेदार के कहने पर ग्रामीण उस पर टूट पड़े।
उन्होंने भागकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। लेकिन काफी दूर तक ग्रामीण
उसके पीछे दौड़ते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की पुलिस ही एक मंत्री
के दबाव में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने में लेट-लतीफी दिखा रही है,
जबकि इस मामले में दो मुख्य आरोपी नामजद हैं, लेकिन पुलिस अपने विभाग के
कर्मचारियों की बजाए आरोपियों को बचाने के लिए तवज्जो दे रही है। एएसआई ने
पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
जांच है जारी : थाना प्रभारी
इस
मामले को लेकर जब इंद्री थाना प्रभारी महेंद्र सिंह से बात की गई तो
उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ मारपीट करने वाले दो आरोपियों को हिरासत में
लेकर जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों को शीघ्र हिरासत में ले लिया
जाऐगा। दो आरोपियों सुनील खेड़ा व बिल्लू को क्यों नहीं हिरासत में लिया
गया तो उन्होंने कहा कि उक्त दोनों आरोपियों की बारीकी से जांच की जा रही
है। यदि वे दोषी पाए गए तो शीघ्र हिरासत में ले लिया जाएगा। पुलिस पर कोई
दबाव नहीं है।