हरियाणा रोडवेज करनाल के वर्कशॉप मैनेजर सुरेश मलिक द्वारा बिना परमिशन के
अपनी कार पर नीली बत्ती लगाए जाने को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ।
सुरेश पिछले कई दिनों से रोजाना अपनी नीली बत्ती लगी सफेद रंग की
एकोस्पोर्ट कार के साथ करनाल बस स्टैंड पर स्थित अपने कार्यालय पर आ रहे
थे।
शुक्रवार को इस बात की भनक पुलिस को लग गई। सिटी थाना पुलिस ने उनकी
गाड़ी को रोका और पूछताछ करनी चाही तो वर्कशॉप मैनेजर ने गाड़ी भगाने की
कोशिश की। इतना ही जब थाना प्रभारी बत्ती उतारने लगे तो वर्कशाप के मैनेजर
के चालक ने चेताया कि अगर बत्ती उतारी तो वे रोडवेज कर्मचारियों को कहकर
जाम लगवा देंगे, लिहाजा पुलिस ने न केवल गाड़ी का चालान किया, बल्कि उसे
इंपाउंड भी कर दिया।
शुक्रवार शाम के समय वर्कशॉप मैनेजर सुरेश मलिक अपनी
नीली बत्ती लगी कार में सवार होकर ड्राईवर के साथ जैसे ही घर जाने के लिए
बस स्टैंड से बाहर निकले तो उन्हें पुलिस ने रोक लिया। पुलिस कर्मचारी ने
कार चालक व अधिकारी को बाहर आने को कहा। इससे दोनों भड़क गए और उल्टा पुलिस
कर्मचारी को ही धमकाने लगे। मामले को लेकर काफी संख्या में भीड़ जुट गई।
पुलिस कर्मियों ने जैसे ही ड्राइवर से इस बारे में पूछताछ की तो जवाब मिला
कि वह रोडवेज कर्मचारियों के साथ मिलकर जाम लगवा देंगे। मामला इतना अधिक
बढ़ गया कि बाद थाना प्रभारी मोहन लाल को मौके पर पहुंचना पड़ा। इसके बाद
ड्राइवर व वर्कशॉप मैनेजर को हिरासत में लिया गया।
हमें पिछले कई
दिनों से ऐसी शिकायत मिल रही थी कि वर्कशॉप मैनेजर अपने प्राइवेट गाड़ी पर
नीली बत्ती लगा कर जाता है। आज वे जैसे ही वह अपने ऑफिस से निकले और इसकी
जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस ने मौके पर ड्राइवर और वर्कशॉप मैनेजर सुरेश
से पूछताछ करनी चाही तो दोनों ने पुलिस कर्मचारी के साथ बदतमीजी की। इस चीज
को लेकर गाड़ी का चालान कर उसे कब्जे में ले लिया गया है।
मोहन लाल, सिटी थाना प्रभारी, करनाल।
वर्कशाप मैनेजर का बयान
मुझे
साजिश के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है। मैंने किसी को धमकी नहीं दी।
न ही चालक ने जाम लगवाने की बात कही। इस साजिश में कुछ रोडवेज कर्मचारी भी
शामिल हैं। मुझे इस मामले में इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है।
सुरेश मलिक, रोडवेज वर्कशॉप मैनेजर