करनाल। जिला बार एसोसिएशन करनाल के 66 वर्षों के इतिहास में अब तक केवल 11 अधिवक्ता ही ऐसे रहे हैं, जिन्हें एक से अधिक बार अध्यक्ष बनने का अवसर मिला है। बार के रिकॉर्ड के अनुसार 1960 से अब तक वरिष्ठ अधिवक्ता वीएस पहल सबसे अधिक चार बार अध्यक्ष बने हैं, जबकि विजय सिंह, बीएस राठौर, निर्मल सिंह और केपीएस भाटिया तीन-तीन बार अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं। वर्तमान में कनवदीप सिंह बार के 53वें प्रधान हैं।
बार एसोसिएशन के ऑनर बोर्ड पर दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक, 1960 में लाला लच्छूमल पहले प्रधान बने थे। इसके बाद 1983 में अमरजीत सिंह अध्यक्ष बने और 1984 में उन्हें दोबारा मौका मिला। 1986 में विजय सिंह ने अध्यक्ष पद संभाला और लगातार तीन कार्यकाल तक संगठन का नेतृत्व किया।
1989 से 1991 तक बीएस राठौर अध्यक्ष रहे, जबकि 1992 और 93 में जागीर सिंह और 1994 से 1996 तक जेबीएस चौहान ने बार की कमान संभाली। 1998 और 2000 में एसएल छाबड़ा अध्यक्ष बने। वहीं 2022 और 2023 में संदीप चौधरी स्टौंडी ने अध्यक्ष पद संभाला। 2025 में सुरजीत मढ़ान निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। ब्यूरो
2004 में पहली बार अध्यक्ष बने थे पहल
सबसे अधिक बार अध्यक्ष रहने वाले वीएस पहल पहली बार 2004 में अध्यक्ष बने, इसके बाद 2006, 2009 और 2021 में भी उन्हें बार ने नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी। इसी तरह केपीएस भाटिया 2010, 2019 और 2020 में अध्यक्ष रहे। निर्मल सिंह स्टौंडी 2016, 2017 और 2018 में लगातार तीन बार प्रधान बने।
वकील बोले, विश्वास ही तय करता है नेतृत्व
वकीलों के अनुसार, करनाल बार एसोसिएशन की परंपरा रही है कि वरिष्ठता, अनुभव और अधिवक्ताओं का विश्वास ही नेतृत्व तय करता है। यही कारण है कि कुछ चुनिंदा अधिवक्ताओं पर बार-बार भरोसा जताया गया और वे संगठन का नेतृत्व दोबारा संभाल सके। इस बार के चुनाव में कनवदीप सिंह भी महज चार वोट से ही जीते हैं।